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पंचायतों के बिल अब दूसरे जिले की ट्रेजरी में होंगे पास, मनरेगा का नाम बदला, भुगतान प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव

टीकमगढ़ जिले के बीजी राम जी (मनरेगा) के बिल रायसेन और गुना जिले के टीकमगढ़ में हो रहे पास

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टीकमगढ़ जिले के बीजी राम जी (मनरेगा) के बिल रायसेन और गुना जिले के टीकमगढ़ में हो रहे पास

टीकमगढ़ जिले के बीजी राम जी (मनरेगा) के बिल रायसेन और गुना जिले के टीकमगढ़ में हो रहे पास

टीकमगढ़ केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में व्यापक बदलाव करते हुए इसका नाम बीजी राम जी योजना कर दिया है। साथ ही पंचायतों में हो रही वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भुगतान व्यवस्था में नई प्रणाली लागू की गई है।

नई व्यवस्था के तहत अब पंचायतों द्वारा खरीदी जाने वाली सामग्री और किए गए कार्यों के बिल स्थानीय जिले की बजाय दूसरे जिले की ट्रेजरी से पास किए जाएंगे। इतना ही नहीं, हर माह ट्रेजरी बदली जाएगी। जिससे किसी एक जिले में लंबे समय तक बिल पास होने की व्यवस्था नहीं रहेगी।

टीकमगढ़ के बिल रायसेन, गुना के बिल टीकमगढ़ में भेजे जा रहे

नए नियमों के अनुसार इस माह टीकमगढ़ जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के बिल रायसेन ट्रेजरी भेजे गए है। जबकि टीकमगढ़ ट्रेजरी में वर्तमान में गुना जिले के बिलों की जांच और भुगतान किया जा रहा है। आगामी महीनों में यह व्यवस्था रेंडम तरीके से बदली जाएगी।

ट्रेजरी स्तर पर होगी सख्त जांच

अब तक मनरेगा के तहत मजदूरी और सामग्री भुगतान के बिल जनपद या जिला पंचायत स्तर पर ही स्वीकृत हो जाते थे। लेकिन नई प्रणाली में कार्य पूर्ण होने के बाद पंचायत द्वारा बिल तैयार किया जाएगा। तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति वैसी ही रहेगी। इसके बाद बिल ट्रेजरी को भेजा जाएगा। ट्रेजरी द्वारा सभी दस्तावेजों, डीडीओ के डिजिटल हस्ताक्षर, तकनीकी स्वीकृति और जीएसटी की जांच के बाद ही भुगतान किया जाएगा

भुगतान सीधे संबंधित खाते में होगा

बताया गया कि मजदूरी 60 प्रतिशत और सामग्री 40 प्रतिशत बीजी राम जी योजना के तहत खर्च होगी। यदि हितग्राही स्वयं सामग्री लगाता है तो उसका अलग बिल बनेगा, जिसमें जीएसटी लागू नहीं होगी। वहीं सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडर के लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। पहले बिना जीएसटी के भी बिल पास हो जाते थे।

पूरे प्रदेश में इसी माह से लागू

केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में संशोधन के बाद यह आदेश सभी राज्यों को जारी किया गया है। मध्यप्रदेश में मनरेगा परिषद भोपाल एवं आयुक्त कोषालय द्वारा जिलों को अलग अलग ट्रेजरी आवंटित की गई है।

नई व्यवस्था से ये होंगे फ ायदे

ट्रेजरी में फ र्जी और डुप्लीकेट बिलों पर रोक लगेंगी। भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। वित्तीय गड़बडियों की संभावना कम होगी। प्रत्येक लेन देन का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। हालांकि शुरुआत में भुगतान में थोड़ी देरी हो सकती है और पंचायत स्तर के कर्मचारियों को नई प्रक्रिया समझने में समय लगेगा।

हमारे यहां वर्तमान में गुना जिले के बीजी राम जी योजना के बिल आ रहे है और शासन के निर्देशानुसार पास किए जा रहे है। टीकमगढ़ जिले के बिल अन्य जिलों की ट्रेजरी में भेजे जा रहे है। यह व्यवस्था माहवार बदली जाएगी।

शिवरंजन सिंह, जिला कोषालय अधिकारी, टीकमगढ़।

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