1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पलेरा और जतारा तहसील में नहीं पहुंचा बान सुजारा नहर का पानी

पानी चेंबर के पा नहीं आया पानी

less than 1 minute read
Google source verification
पानी चेंबर के पा नहीं आया पानी

पानी चेंबर के पा नहीं आया पानी

रबी सिंचाई में देरी होने से चिंता में किसान

टीकमगढ. जिले के पलेरा और जतारा क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई करने का एक मात्र साधन बान सुजारा की नहर है। जिसके अंडर ग्राउंड पाइप लाइन से हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए व्यवस्था की गई है। लेकिन इन दिनों सिंचाई के लिए खेतों पर पानी नहीं पहुंचा है। रबी सीजन की खेती में हो रही देरी से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान रामदीन कुशवाहा, एकमल कुशवाहा, नंदी कुशवाहा, चपेट कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा, रमेश कुशवाहा, नेपाल कुशवाहा, परमानंद कुशवाहा, पीयूष पाठक, मोहन कुशवाहा,भजोले कुशवाहा, कल्याण सिंह चंदेल, रामकिशन कुशवाहा ने बताया कि २२ नवंबर चल रहा है। रबी सीजन की बोवाई के लिए खेत तैयार हो गए है। जहां पानी पर्याप्त मात्रा में है, वहां पर पहली सिंचाई के बाद बोनी भी हो गए है, जहां पर नहर के पानी से सिंचाई होती है। वहां पर आज तक पानी नहीं पहुंचा है। किसानों का कहना था कि बान सुजारा प्रबंधन द्वारा खेत खेत पर पानी के चेंबर लगाए गए थे। उनकी साफ-सफाई की गई है। लेकिन यहां तक पानी नहीं आया है। उनका कहना था कि इटायली, मवई, निवौरा, जरया, बम्होरी कलां, कनेरा, टीला, नरेनी, जिटकोरा के साथ अन्य गांवों के खेत सूखे पड़े है।

इनका कहना
अभी जतारा लाइन चालू करना है, इसके बाद बम्होरीकलां क्षेत्र के किसानों को पानी दिया जाएगा। सोमवार से पानी दिया जाएगा।
विनोद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर बांध सुजारा बांध परियोजना।

Story Loader