
Colorful, holi, rang panchami
टीकमगढ़.सिविल लाईन क्षेत्र में स्थित एक शादीघर में मंगलवार को रंगपंचमी के अवसर पर डिवाइन सोशल वेलफेयर सोसायटी एवं कई संगठनों की मदद से फागुन-2018 का आयोजन किया गया। यहां महिलाओं, बच्चों ने जमकर होली खेली और डीजे की धुन पर होली के गीतों पर जब कदम थिरके तो रूकने का नाम नहीं लिया और युवतियां के ग्रुपों ने अपने ग्रुप के साथ जमकर मस्ती की।
फागुन-2018 कार्यक्रम का शुभारंभ कन्हैया जी की आरती के साथ हुआ। आरती के समापन के साथ ही कार्यक्रम स्थल गुलाल और रंगों से सराबोर नजर आया। हर कोई रंग की मस्ती में नजर आया। किसी ने स्वेच्छा से रंग लगाना स्वीकार कर लिया तो किसी पर जबरजस्ती रंग और गुलाल की बौछार हुई। धीरे-धीरे पूरा शमां ही रंगों में नजर आया और लोग एक दूसरे पर गुलाल और रंग डालते नजर आए। इसी बीच ठंडाई ने लोगों को हल्की गर्मी से राहत दी और फिर शुरू हुआ डीजे पर बज रहे होली के गीतों का तो हर कदम थिरकने को मजबूर हो गया। महिलाएं, युवतियां और बच्चे सभी रंग की मस्ती में दिखे और खूब नृत्य किया। इस होली समारोह की खासियत यही थी कि यहां प्राकृतिक रंगों का प्रयोग हुआ और सभी ने आपसी सौहार्द के साथ रंगपंचमी के पर्व को मनाया। देर शाम तक यह आयोजन चलता रहा। कार्यक्रम के दौरान पूनम जायसवाल, डॉ. विनय जैन, एकता जैन, डॉ. योगरंजन, डॉ. महेन्द्र नायक, अंकित खरे, प्रणव जायसवाल सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में दिया, अग्रचेतना महिला सोसायटी एसोसियेशन, ब्रम्ही विद्या समिति, सिंधी महिला सेवा समिति का भी सहयोग रहा।
जिद ने बनाया रिया को कलाकार, बचपन का शौक बन गया हुनर
टीकमगढ़ .बच्चों की जिद माता पिता के लिए गुस्सा का सबब बन जाती है। लेकिन यही जिद कभी-कभी बच्चों को कलाकार भी बना देती है। उस दिन यही जिद काबिलियत बन जाती है।
इसका उदाहरण नगर की कौशलपुरी निवासी रोशनी गुप्ता है। इनके पिता सोनू गुप्ता बताते हैं कि उनकी पुत्री 13 वर्षीय रोशनी गुप्ता उर्फ रिया पेंटिंग बनाने में माहिर है। रिया महापुरूषों की पेंटिंग बनाकर अपने और अपने परिवार का नाम रोशन कर रही है साथ ही हम उम्रों को देश के उन शहीदों की भी याद दिला रही हैं। जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहूति दे दी। कौशलपुरी में रहने वाले सोनू गुप्ता एक छोटे व्यापारी है। जिन्होने बहुत ही कठिनाई से जीवन यापन करके अपने परिवार का पालन करते हुए बच्चों को अच्छे संस्कार दिए। उनकी बड़ी बेटी रोशनी उर्फ रिया को बचपन से ही पेटिंग का शौक था। शुरूआत में परिजनों ने इस शौक पर आंखें भी तरेरी परंतु रिया का यह शौक केवल शौक न रहा बल्कि उसका हुनर बनता गया तो परिजन भी उसकी हौंसला अफजाई करने लगे। रोशनी की जिद ने उसे कलाकार बना दिया। मंगलवार को कक्षा आठवीं के बाद अपने पुराने स्कूल से विदाई लेते समय उस स्कूल के बच्चों को रोशनी द्वारा चाचा नेहरू की पेंटिंग भेंट की गई है।
Published on:
07 Mar 2018 11:18 am
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