
विवेक कुमार गुप्ता . टीकमगढ़. आज विश्व में ऐसा कोई देश और क्षेत्र नही है जहां महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा न मनवाया हो। आधुनिक होते समाज में महानगरों की महिलाओं का आगे आना लाजमी है,लेकिन जब बुंदेलखण्ड के पिछड़े और गिरते लिंगानुपात वाले जिले में घर की चार दीवारी से बाहर आकर सत्ता की धुरी बनकर लोगों की सेवा के क्षेत्र में महिलाएं आगे आए, तो उसे निश्चित रूप से नारी के हाथ में शक्ति कहा जा सकता है।
टीकमगढ़ जिले में इस समय जहां प्रशासन में महिला शक्ति का वर्चस्व है। वहीं सत्ता के केन्द्र में भी महिला शक्ति है। आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब जिले के ग्रामीण विकास विभाग की कमान महिला अधिकारी को सौंपी गई है। राज्य सरकार ने ग्वालियर स्मार्ट सिटी की सीईओ विदिशा मुखर्जी को जिला पंचायत सीईओ के रूप में पदस्थ किया है। लम्बे प्रशासनिक अनुभव रखने वाली विदिशा २००१ बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी है।
खास बात है कि जिले के ग्रामीण विकास विभाग को जहां मुखिया के रूप में पहली बार नारी शक्ति का साथ मिला है। वहीं मुखर्जी के अपने कार्यकाल के दौरान पहली बार ग्रामीण विकास विभाग भेजा जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ के साथ ही जिले का स्वास्थ्य,परिवहन ,आदिम जाति कल्याण और जनसंपर्क विभाग के साथ ही मुख्यालय की जनपद में भी पहली बार महिला अधिकारी सेवाएं दे रही है। जिले के स्वास्थ्य विभाग का ईलाज करने का जिम्मा डॉ वर्षा राय के हाथ में है। जिला पंचायत सीईओ की तरह ही पहली बार कोई महिला स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए डॉ राय लगातार बेहतर साबित हो रही है। इसी तरह जिले के परिवहन विभाग की कमान अनपा खान के हाथ में है। जिले में पहली बार सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने का जिम्मा लिए जनसंपर्क विभाग की कमान महिला अधिकारी शैफाली तिवारी के हाथ में है। जिला मुख्यालय की जनपद क ा जिम्मा भी पहली बार जनपद सीईओ पूजा जैन के हाथ में है। पहली बार ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा जिला पंचायत और मुख्यालय की जनपद पर महिला शक्ति को कमान देकर शासन ने भी महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया है।
6 जनपदों में महिलाओं का कब्जा,विधानसभा तक दम :-
प्रदेश के लिए कानून बनाने वाली विधानसभा में इस समय जिले से दो महिला विधायक मौजूद है। पृथ्वीपुर से भाजपा की अनीता नायक और कांग्रेस की ओर से खरगापुर विधायक चंदा सिंह गौर महिलाओं के सत्ता में दखल को बयां कर रही है। जिले की एक मात्र नगरपालिका की कमान जहां लक्ष्मी गिरि के हाथ में है। वहीं उनकी ननद कामिनी गिरि मुख्यालय की जनपद अध्यक्ष है। सत्ता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को लेकर खास बात है कि जिले की 6 जनपदों में से किसी भी जनपद पंचायत पर इस समय पुरूषों का वर्चस्व नही है। पंचायती राज व्यवस्था की अहम कड़ी जनपद में महिलाओं को कमान मिलने से निश्चित ही बुंदेलखण्ड में महिलाओं के घूंघट वाली राजनीति को विराम मिला है।
जिला मुख्यालय पर कामिनी गिरि के साथ ही बल्देवगढ़ जनपद अध्यक्ष गुलाबरानी किलेदार,निवाड़ी जनपद अध्यक्ष प्रीति खंगार,पलेरा जनपद अध्यक्ष मंजू सिंह गौर ,जतारा जनपद अध्यक्ष श्यामबाई यादव और पृथ्वीपुर जनपद पर हेमलता वर्मा बतौर अध्यक्ष बेटी बचाओं का संदेश दे रही है। भगवान रामराजा की नगरी ओरछा में राजकुमारी यादव अध्यक्ष है तो पलेरा नगर पंचायत में दूसरी बार विन्देश्वरी खटीक सत्ता संभाल रही है। वहीं जतारा में अब तक गृहणी रही कमला नवीन साहू नगर में स्वच्छता की अलख जगा रही है। ।
Published on:
07 Mar 2018 02:58 pm

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