पार्षद एवं महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने नपाध्यक्ष पर लगाए आरोप, लोकल के नेताओं पर भी साधा निशाना
टीकमगढ़. 22 साल बाद नगर पालिका पर काबिज हुई कांग्रेस के लिए मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। अभी नपाध्यक्ष और भाजपा पार्षदों के बीच का विवाद शांत ही नहीं हुआ था कि अब कांग्रेस के पार्षद एवं महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने ही अपनी ही पार्टी के नपाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। उन्होंने न केवल नगर पालिका अध्यक्ष बल्कि इशारों में पार्टी के बड़े नेताओं को भी निशाने पर लिया।
वार्ड नंबर 6 की पार्षद एवं महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रजनी पूनम जायसवाल ने नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक पर महिला पार्षद का अपमान करने का आरोप लगाया है। दरअसर रजनी पूनम जायसवाल ने अपने वार्ड के लिए एक टेंकर क्रय किया था। इसका उदघाटन कराने के लिए वह गुरुवार को नगर पालिका पहुंची थी। जायसवाल का आरोप है कि यहां पर नपाध्यक्ष अपने चैंबर में बैठे रहे और उदघाटन करने बाहर नहीं निकले, जबकि उन्होंने उनसे फोन पर समय लिया था। ऐसे में उन्होंने नपाध्यक्ष पर न केवल महिला पार्षद का अपमान करने का आरोप लगाया, बल्कि यह तक कहा कि चूकी वह विधानसभा के लिए दावेदारी कर रही है, ऐसे में उनके गुट को यह बात पसंद नहीं है। उन्होंने नपाध्यक्ष के साथ ही पार्षदों को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सभी ने मोटी रकम लेकर काम किया है। अब सभी को दिक्कत हो रही है कि मैंने रुपए भी नहीं लिए और अपनी तरफ से टैंकर भी खड़ा कर दिया है। उन्होंने नपाध्यक्ष पर पूर्व में भाजपा एवं कांग्रेस पार्षदों के लिए भी गलत शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी निशाने पर लिया और बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि एक महिला पार्षद की सक्रियता इन लोगों को पसंद नहीं आ रही है। उन्होंने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ ही महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष विभा पटेल से भी शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना था कि एक ओर कांग्रेस पूरे प्रदेश में नारी सम्मान योजना चला रही है तो उनकी ही पार्टी के नेता महिलाओं का अपमान कर रहे है।
मुझे तो पता ही नहीं वह कब चली गई
वहीं इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक का कहना है कि वह 5 दिनों से बाहर थे। गुरुवार को आए तो नपा में तमाम काम थे। इस बीच पार्षद जायसवाल आई और टेंकर का उदघाटन करने को कहा तो मैंने कहा कि आप दूसरे पार्षदों को भी बुला लें, तब तक मैं काम निपटाएं लेता हूं। इस बीच इन्होंने पार्षदों को फोन किया तो दो-तीन लोग आ गए और यह फिर से फीता काटने की बात कहने लगी। इस पर मैंने कहा कि थोड़ा और इंतजार कर ले सभी आ जाएंगे। इस बीच यह कब चली गई मुझे पता ही नहीं। नपाध्यक्ष पर लगाए गए तमाम आरोप को लेकर उनका कहना था कि अब चुनाव का समय आ गया है ऐसे में यह तो होना ही है। वहीं पार्षदों के मोटी रकम के मामले में उनका कहना था कि यह व्यक्ति विशेष का मामला है, वही जाने।
फ्लैसबैक: पूनम के नाम का हुआ था पत्र जारी
विदित हो कि कांग्रेस के बीच की यह तकरार नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव के समय की है। नगर पालिका अध्यक्ष के लिए चल रही जद्दोजद के बीच कांग्रेस से तीन नाम सामने आ रहे थे, इसमें सुषमा संजय नायक, रजनी पूनम जायसवाल एवं अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक शामिल थे। अध्यक्ष का नाम फाइनल होने के पूर्व सभी पार्षद कांगे्रस के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पास गए थे। यहां पर दिग्विजय सिंह ने सभी पार्षदों की राय से अध्यक्ष चुनने की सलाह दी थी। इसके बाद कांग्रेस के 14 एवं एक निर्दलीय पार्षद हबीब राइन को मिलाकर 15 लोगों से अपनी पसंद के नाम पर्ची पर लिखकर मांगे गए थे। बताया जा रहा है कि इसमें सुषमा संजय नायक के पक्ष में 7, अब्दुल गफ्फार के पक्ष में 7 पर्चियां निकली थी तो पूनम जायसवाल के नाम की एक पर्ची निकली थी। वहीं बताया गया था कि पूनम जायसवाल ने सुषमा संजय नायक के पक्ष में जाने की बात कही थी। कांग्रेसी पार्षद यह प्रक्रिया कर ही रहे थे कि कुछ ही देर में कांग्रेस ने रजनी पूनम जायसवाल को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर उनके नाम का पत्र जारी कर दिया था। उनके नाम का पत्र जारी होते ही सभी पार्षदों के साथ ही कांग्रेस के नेता सकते में आ गए थे। इसके बाद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रदेश स्तर पर बात कर यह पत्र वापस कराया था और बाद में अब्दुल गफ्फार का नाम आगे किया गया था। तभी से नपा में कांग्रेस के बीच भी तनातनी का माहौल बना हुआ है। अब विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ ही एक बार फिर से यह कांग्रेस के बीच का माहौल गर्म होता दिख रहा है।