ढोंगा मैदान के डिवाइडरों में नहीं है जालियां।
हरियाली बनाने वाले पेड़ पौधें भी हो गए गायब, सालों से मिल रहा आश्वासन
टीकमगढ़. ढोंगा मैदान के चारों ओर डिवाइडर, बाउंड्रीबाल और वन वे मार्ग का निर्माण किया गया है। लेकिन डिवाइडर अभी भी उजाड़े पड़े है। दोनों मार्गों के बीचों बीच इस डिवाइडर के काफी बड़े हिस्से में हरे-भरे पेड़ से हरियाली दार है तो कुछ हिस्से में पेड़ दिखाई नहीं दे रहे है। दरअसल डिवाइडर के आधे से अधिक हिस्से को लोहे की जालियों को लगाकर सुरक्षित किया गया था। इससे यह आवारा पशुओं से बचे रहे। जहां नहीं लगाई वहां यह पशुओं की चपेट में आ गए। यही हाल वन रेंज ऑफिस के साने से नंदीश्वर कॉलोनी तक का है।
शहर के रामसेवक कडा और बृजेश यादव ने बताया कि शहर के मार्ग व डिवाडडर पर हरियाली और सौंदर्यीकरण उस शहर की सुंदरता का प्रतीक माना जाता है लेकिन नपा क्षेत्र के सभी मुख्य चौराहों व मार्गों के डिवायडर जीर्ण शीर्ण दिखाई दे रहे है। जिसमें झांसी रोड, मऊरानीपुर रोड, जेल रोड, सिविल लाइन रोड और ढोंगा रोड के डिवाइडर छतिग्रस्त दिखाई दे रहे है। ढोंगा के पूर्व पार्षद अरविंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्य मार्ग निर्माण करने वाले ठेकेदारों पर डिवाडडर विकसित करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन शहर के लगभग सभी डिवाउडर की स्थिति दयनीय हो गई है। इनके पौधे अनेक वर्षों से धूप से सूख गए है, वहीं डिवायडर उजड़े पड़े है। इतना ही नहीं, असामाजिक तत्वों ने लोहे की जालियां भी निकाल ली है।
ढोंंगा डिवाइडरों की यह है स्थिति
वर्ष २०१९-२० में ढोंगा मैदान के चारों ओर डिवाइडर निर्माण किया गया था। खादी ग्रामोद्योग, वन विभाग कार्यालय होते हुए जिला उद्योग कार्यालय के डिवाइडरों में पौधे लगाए गए। खादी ग्रामोद्योग केंद्र से बौरी गांव रोड और नयाखेरा रोड के पास वाले डिवाइडर में लोहे की जालियां नहीं है। इसके साथ ही जिला उद्योग कार्यालय से खादी भोलेनाथ मंदिर तक के डिवाइडर जालियां भी लगाई गई, लेकिन पौधे नहीं है। इसके साथ ही शौचालय के पास के डिवाइडर में से जालियां निकाल ली है।
वन रेंज ऑफिस के सामने अधेरा पड़ा डिवाइडर
जिला अस्पताल से चौराहा से वन रेंज सिंधी धर्मशाला के पहले तक डिवाइडर निर्माण किया गया। जिला अस्पताल चौराहा से नंदीश्वर कॉलोनी के मुख्यद्वार तक लोहे की जालियां के साथ पौधों का रोपण किया गया है। नंदीश्वर कॉलोनी से वन रेंज के सामने तक का डिवाइडर अधूरा पड़ा है।
यहां के भी टूटे पड़े डिवाइडर
नया बस स्टैंड से आंबेडकर, गंजी खाना से कन्या महाविद्यालय तक और अस्पताल चौराहा से जिला न्यायालय तक डिवाइडर निर्माण है। इनमें पौधें भी हरियाली बनाए हुए है, लेकिन कई स्थानों पर डिवाइडर छतिग्रस्त हो गए है। जालियां निकाल ली गई और डिवाइडर टूट गई है। जिसकी सुंदरता भद्दी दिखाई देने लगी है।
होर्डिंग के लिए हो रहा उपयोग
शहर के मार्गों पर बने डिवाइडर पर हरियाली की बजाय होर्डिंग व बैनर अधिक दिखाई दे रहे है। किसी बड़े नेता का जन्मदिन या शहर में आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं के माध्यम से इन डिवाउडरों पर होर्डिंग लगाए जाते है। जिससे दुर्घटना होने की संभावना भी बनी रहती है। इसी में अब यह डिवाइडर केवल होर्डिंग लगाने के उपयोग के रह गए है।
इनका कहना
ढोंगा के साथ शहर के डिवाइडर सुधार के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। टेंडर खुलने के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा मरम्मत और निर्माण कार्य कराया जाएगा। डिवाइडरों में पौधों का रोपण किया जाएगा। और रंगरोगन किया जाएगा। जिससे शहर के डिवाइडर सुंदर दिखाई दे।
शिवि उपाध्याय, सीएमओ नगरपालिका टीकमगढ़।