
Due to lack of attention, it took hours to accumulate, heavy vehicles and trouble due to encroachment on roads
टीकमगढ़. बुधवार की सुबह से लेकर शाम तक शहर में कई जगह जाम की स्थिति बनी रही। जहां आमजन एक से लेकर ड़ेढ घंटे तक जाम में फंसे रहे और स्टेट बैंक चौराहा पर कार, स्कूल बस, लोडिंग वाहन, तीन पहिया के साथ दो पहिया वाहनों की लम्बी- लम्बी लाइनें दिखाई देती रही। यातायात प्रभारी को फोन लगाया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया। उसके बाद सिटी कोतवाली को फोन लगाया गया। फिर एक जवान और युवाओं द्वारा जाम खुलवाया।
शहर में जाम लगना अब आम हो गया है। शहर में भारी वाहन, चार पहिया और तीन पहिया वाहनों पर शहर में प्रवेश के लिए प्रतिबंध था। उसके बाद विभिन्न रास्तों पर लोहे के बोर्ड लगाए गए थे। वह इन दिनों शोपीस बनकर रह गए है। कुछ जवानों को तैनात किया गया। लेकिन जिम्मेदाार मूक दर्शक बने रहे। देखते ही देखते जाम घंटों लगा रहा। जाम को खुलवाने के लिए यातायात प्रभारी को फोन लगाया गया। लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया। फिर सिटी कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार को सूचना दी। उन्होंने सिटी कोतवाली से एक जवान शेख शादिक को भेजा, फिर देवेंद भास्कर के साथ अन्य के सहयोग से जाम को खुलवाया। जाम में फंसे लोगों ने बताया कि जाम का मुख्य कारण भारी वाहनों का शहर में प्रवेश करना और सड़कों पर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण है।
आज सुबह से शाम तक यह रही स्थिति
बुधवार की सुबह१० बजे के करीब लुकमान चौराहा पर एक ट्रक बाजार के रास्ते गया था। नजाई रोड़ पर जाम के कारण फंस गया, उसके बाद दुकानें खुल गई। जिसके कारण उसे निकलने में आधा घंटा से अधिक लगा। उसके बाद दोपहर १२ बजे नजाई दरवाजा वाले रास्ते में आधा घंटे तक जाम लगा रहा। उसके बाद पुरानी तहसील मोड़ पर जाम लगा रहा। फिर स्टेट बैंक के चौराहा पर एक घंटे तक जाम लगा रहा। गांधी तिराहा से लेकर जैने मंदिर तक जाम लगा रहा।
गांधी तिराहा से जैन मंदिर तक लगा रहा जाम
बुधवार की दोपहर ३.१५ बजे गांधी तिराहा से जैन मंदिर तक और जवाहर चौराहा से स्टेट बैंक चौराहा, लक्ष्मी टॉकीज से सुभाष बुक डिपो तक जाम की स्थिति बनी रही। ज्यों-ज्यों देरी होती गई, त्यों-त्यों वाहनों की संख्या बढ़ती गई। स्कूल बसों में बैठे छात्रों में घबराहट देखने को मिली।
मूक दर्शक बनी रही यातायात पुलिस और दुकानदार
जाम के शुभारंभ पर चौक-चौराहों पर तैनात पुलिस मूक दर्शक बनी रही। देखते ही देखते जाम फंस गया। एक पहिया बढऩे की गुंजाइस दिखाई नहीं दे रही थी और वाहन चालक पीछे जाने के लिए राजी भी नहीं था। उसके बाद एक कोतवाली से आया जवान और युवाओं के सहयोग से जाम को खुलवाया।
ध्वस्त हो गए यातायात के नियम
विगत वर्षो में यातायात सुधार के नियम बनाए गए थे। जिसमें एसपी, एसडीएम, तहसीलदार, नगरपालिका सीएमओ के साथ जिम्मेदार अधिकारियों ने भारी वाहनों को शहर में जाने से रोक लगाई थी। प्रतिबंधित वाला बोर्ड स्थाई तौर पर खड़ा किया गया था। लेकिन अब वह शोपीस बनकर रह गया है। उन बोर्डो को किसी भी प्रकार से पालन नहीं किया जा रहा है।
इनका कहना
यातायात बल टे्रनिंग में गया है। यह टे्रनिंग दो शिप्टों में दी जा रही है। जिसके कारण प्वांट खाली पड़े है। यातायात सुधार पर कार्य किया जाएगा।
पूर्णिमा मिश्रा सूबेदार यातायात प्र्रभारी टीकमगढ़।
Published on:
09 Nov 2022 07:51 pm

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