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आपातकाल भारतीय इतिहास में काला दिन

भाजपा ने किया मीसा बंदियों का सम्मान

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emergency black day in indian history

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टीकमगढ़. भारतीय जनता पार्टी द्वारा रविवार को आपातकाल को याद करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया। 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपात काल को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने इतिहास का काला दिन बताया। साथ ही मीसा बंदियों का सम्मान किया गया।
एक स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि 48 साल पहले आज के दिन आधी रात को लोकतंत्र के मंदिर में लूट हो गई। 19 महीने देश दो जेलों में बदल गया था। मुझ जैसे कार्यकर्ता दीवारों वाली जेल में थे और देश का प्रत्येक नागरिक स्वतंत्रता विहीन होकर खुली जेल में रह रहा था। इस लूट की पृष्ठभूमि 12 जून 1975 को बनाई गई थी। इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की आधी रात को देश में आपातकाल लगा दिया था। सरकार के विरोध में बोलने वाले मुझ जैसे निर्दोष को जेल में बंद कर दिया था। आज भी आपातकाल को याद कर हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 25 जून 1975 को जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया गया था।

सभी प्रमुख अखबारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई थी। कहा गया कि कुछ भी छापने के पहले अनुमति लेना जरूरी है। सरकार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। डॉ वीरेन्द्र कुमार जी ने कहा कि मैं और मेरे पिताजी महिनों जेल में रहे। इस दौरान भारतीय जनसंघ के कार्यकर्ताओं को जेलों में यातनाएं दी गईं। डर भय के हालातों में जनवरी 1977 में लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई। मार्च के चुनाव में देश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी जेल में बंद सभी निर्दोश कार्यकर्ता रिहा हुए। प्रेस ने इसे देश में दूसरी आजादी कहा। लोकतंत्र बहाल हुआ काला कानून रद्द हुआ। लुटी हुई स्वतंत्रता फिर स्वतंत्र हुई पर देश के इतिहास में 1975 से 1977 तक का समय काले अध्याय के रूप में कांग्रेस द्वारा लिखा गया। इस अवसर पर मीसाबंदी सनत कुमार जैन, कैलाश चन्द्र नुना ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष अमित नुना, विवेक चतुर्वेदी, अनुराग वर्मा, आशुतोष भट्ट, अश्विनी चढ़ार, डॉ पूरन लोधी, प्रत्येन्द्र सिंघई, अभिषेक खरे रानू, रोहित खटीक, बलवीर राव जोशी, सुशीला राजपूत, विभा श्रीवास्तव, पूनम अग्रवाल, वंदना जायसवाल, मुन्ना लाल साहू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।