
Improvement of handpumps
टीकमगढ़.जिले में जल संकट का दौर शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों हैंडपंप खराब पड़े हुए है। जिले में लगभग सभी मुख्यमंत्री योजनाएं बंद पड़ी हुई है। पेयजल संकट को लेकर पत्रिका ने २५ मार्च को खबर का प्रकाशन किया था। खबर को लेकर पीएचई विभाग जागा है। इसके बाद विभाग ने हैंडपंप सुधार का अभियान शुरू कर दिया है। जिन हैंडपंपों में पाइप नहीं है उनमें पाइप लाइन डाली जा रही है और जहां हैंडपंप बेश नहीं है, उनका सुधार कार्य किया जा रहा है।
टीकमगढ़ और निवाड़ी के सभी ब्लांकों में पीएचई विभाग द्वारा हैंडपंप सुधार के लिए टीमों को गठन किया गया है। टीमों का गठन करके हैंडपंप सुधार का कार्य शुरू कर दिया है। वह टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर गांवों के सभी हैंडपंपों को पानी योग्य बनाया जा रहा है। टैक्निशियन घनेंद्र सिंह ने बताया कि ईई के मार्ग दर्शन में २६ मार्च से हैंडपंप सुधार का अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को शुरू और साफ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
खराब हैंडपंपों को किया जा रहा चिन्हित
दोनों जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के खराब हैंडपंपों को चिन्हित किया गया है। उन खराब हैंडपंपों को सुधारने के लिए पीएचई टीमों द्वारा ठीक किया जा रहा है। इसके साथ ग्रामीणों को सम्र्पक भी दिया गया है कि गर्मियों के समय पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मोहनगढ़ क्षेत्र में है पानी का संकट
दरगांर्य खुर्द, पंचमपुरा, मस्तापुर, नादिया के साथ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश हैंडपंपों ने जबाब देना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने पेयजल के लिए मशक्कत करना शुरू कर दिया है। कई गांवों में हैंडपंप खराब होने के कारण पानी की तालाश में ग्रामीण भटकने लगे है। वहीं डिकौली ग्राम पंचायत में दबंगों द्वारा पानी की टंकी को उखाडकर मकान निर्माण कर लिया है। जिसके कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
इनका कहना
गर्मियां शुरू हो गई है। जिन-जिन ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप खराब पड़े है। उन हैंडपंपों को टीम द्वारा चिन्हित किया जा रहा है। जिले में हैंडपंप सुधार का अभियान भी शुरू कर दिया है। गर्मियों में ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जितेंद्र मिश्रा ईई पीएचई विभाग टीकमगढ़।
Published on:
30 Mar 2019 08:00 am
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