
बम्होरीकलां
गुणवत्ताओं पर उठ रहे सवाल,486 योजनाओं में से सिर्फ 158 योजनाएं पूर्ण
टीकमगढ़. जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण योजना है और इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के घरों तक पानी पहुंचाना था। इसमें करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन आज भी कई गांवों को पानी पीने के लिए जूझना पड़ रहा है। इसको पूर्ण करने की अंतिम तारीख मार्च २०२४ तय की गई थी। अब ३१ मार्च २०२५ तक पूरा कार्य करने तक का समय दिया गया है। इसके लिए अब ५४ दिन शेष बचे है।
घर-घर तक जल जीवन मिशन की योजना से पानी पहुंचाने में विभागीय अधिकारी और ठेकेदारों द्वारा घोर लापरवाही की गई है। इनके द्वारा निर्माण की गुणवत्ता में कमी के साथ तीन फीट जमीन में पाइप लाइन दबाने की जगह छह इंच और नाली में से बिछा दी गई है। शिकायत के बाद दिसंबर २०२४ में जांच के लिए टीम आई थी। टीम ने हरपुरा मडिया, प्रेमपुरा, पहाड़ी तिलवारन, जुडावन के साथ अन्य स्थानों का निरीक्षण किया गया था। जहां पर निर्माण की स्थिति उलट थी।
बताया गया कि जिले में चार ब्लॉकों के 625 ग्रामों में योजना का कार्य शुरू किया गया है। एकड ग्राम योजना 486 है और 122 ग्रामों में समूह जल की सप्लाई कर रहे है। चार गांव में योजना स्वीकृति के लिए पत्र भेजे गए है। इसके साथ ही 12 गांव की जल जीवन मिशन का डीपीआर तैयार नहीं होने से आपात्र किया गया है। फुटेर, मगरई के साथ अन्य गांवों में अभी निर्माण कार्य चालू है। इस कार्य की गति धीमी चल रही है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
167873 परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य
१५ अगस्त २०१९ में केंद्र सरकार द्वारा इस योजना का शुभारंभ किया गया था। टीकमगढ़ जिले में ४८६ योजना से 1 लाख 67 हजार 873 परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य था। वर्ष २०१९ से अब तक 1 लाख 4 हजार 880 परिवारों को नल कनेक्शन दिए गए। इसमें से 62 हजार 993 और जल समूह के 28 हजार 421 परिवारों को नल कनेक्शन देना शेष बचे है। इन परिवारों को 31 मार्च 2025 तक नल कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य दिया गया है।
१०२ गांव में नहीं मिला जल स्रोत
जिले के १०२ गांव में योजना तो स्वीकृत की गई, लेकिन उन गांवों में सफल स्रोत नहीं मिल पाए है। इस कारण से इनके स्थानों का निर्माण कार्य बंद है। वहीं ४८६ में से १५८ योजना की पूर्ण हो पाई है। ३२८ योजनाएं पूर्ण होने के लिए शेष है। निर्माणधीन कार्यों से 30 हजार 450 नल कनेक्शन दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। इस योजना की समीक्षा प्रदेश के प्रमुख सचिव द्वारा की गई।
इनका कहना
जिन योजनाओं का काम चल रहा है। उनको ३१ मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए है। चंदेरा के साथ १०२ योजनाएं ऐसी है,जहां पर पानी के स्रोत नहीं है। उनका कार्य बंद कर दिया है। शासन के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्र में जल जीवन मिशन का कार्य किया जा रहा है।
अनिल लगरखा, ईई पीएचई टीकमगढ़।
Published on:
06 Feb 2025 11:55 am

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