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गांव से तीन किमी दूर सीएम राइज का भवन निर्माण करने खोजी जा रही जमीन

सीएम राइज विद्यालय भवन निर्माण के लिए जमीन का चयन करते जनप्रतिनिधि।

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सीएम राइज विद्यालय भवन निर्माण के लिए जमीन का चयन करते जनप्रतिनिधि।

सीएम राइज विद्यालय भवन निर्माण के लिए जमीन का चयन करते जनप्रतिनिधि।

आधा दर्जन से अधिक ग्राम के छात्रों बढ़ेगी परेशानियां, लोगों ने कहा गांव में ही निर्माण हो सीएम राइज भवन निर्माण

टीकमगढ़. शासन ने बम्होरीकलां हायर सेकेंडरी विद्यालय को सीएम राइज योजना में दर्ज कर दिया है। इस योजना के भवन को गांव से तीन किमी दूर निर्माण कराने की योजना बनाई जा रही है। इससे आधा दर्जन से अधिक गांव के छात्रों की परेशानियां बढ़ जाएगी। जबकि किले के पास सरकारी जमीन काफी मात्रा में पड़ी है, जिसमें गांव के जिम्मेदार अतिक्रमण कर मकाने निर्माण कर रहे है। वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा ४०० वोटों को साधने पठाघाट में भवन निर्माण कराने के लिए जमीन का चयन कर रहे है। जिसक ा विरोध ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक बम्होरीकलां ग्राम पंचायत में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय था और उसी को सीएम राइज विद्यालय की घोषणा कर दी है। उसके लिए नवीन भवन निर्माण करने जमीन की तलाश की जा रही है। इस कार्य में राजनीति ने प्रवेश ले लिया है। जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, तहसीलदार डॉ अवङ्क्षतका तिवारी और सरपंच प्रतिनिधि शिशुपाल सिंह परिहार, संकुल प्राचार्य जेसी शर्मा ने अपने कर्मचारियों के साथ बम्होरीकलां गांव से तीन किमी दूर स्थित पठाघाट में पडी गोचर भूमि का निरीक्षण किया है। इस जगह पर भवन निर्माण कराने से छात्रों की परेशानियां बढ़ जाएगी।

१० हजार आबादी वाले को छोड़ ४०० आबादी वाले गांव में होगा सीएम राइज भवन का निर्माण
बम्होरीकलां गांव के साथ अन्य पास के गांव की आबादी १० हजार से अधिक है। इसके आसपास आधा दर्जन के करीब गांव लगे हुए है, लेकिन राजनीति के चलते सीएम राइज भवन १० हजार आबादी वाले गांव की जगह ४०० आबादी वाले गांव में निर्माण कराने के लिए जमीन का निरीक्षण किया जा रहा है।

भवन निर्माण की राजनीति से इन गांव के छात्रों को होगी परेशानियां
सीएम राइज विद्यालय निर्माण को लेकर सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। इसमें विरोध भी दिखाई दे रहा है। कहा गया कि तीन किमी दूर भवन निर्माण होने से भगवंतपुरा, पहाड़ी बुजुर्ग, मौथी, निवौरा, जरया, बरकछाय, जिटकोरा, कलरा के साथ अन्य गांव के छात्रों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। जिस विरोध सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि पठाघाट की जगह बम्होरीकलां गांव में ही भवन निर्माण होना चाहिए। जिससे छात्रों को सुविधा होगी। गुलाब चंद जोशी ने बताया कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए बम्होरीकलां का स्कूल तीन किमी दूर बनना चाहते है, जबकि गांव में पर्याप्त सरकारी जमीन है। इसके साथ ही कृष्णकांत बादल, रामकिशन कुशवाहा, पंकज सोनी ने सीएम राइज विद्यालय बम्होरी कलां में निर्माण कार्य कराने की मांग रखी है।

इनका कहना
सीएम राइज विद्यालय बम्होरी कलां के किले के मैदान में बनना चाहिए और वहां की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त होना चाहिए, यह बयान समाजसेवी ने सोशल मीडिया पर दिया है।
पुरुषोत्तम सिंह परिहार बम्हारीकलां।

बम्होरी कलां में दस हजार लोगों की आबादी है और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था के हिसाब बम्होरी कलां में ही सीएम राइज विद्यालय बनना चाहिए।
नारायण दास घोष, पूर्व सरपंच बम्होरीकलां।

गांव के विकास और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए किले के मैदान में सीएम विद्यालय का निर्माण कार्य होना चाहिए।
पुष्पेंद्र सिंह परिहार, बम्होरीकलां।

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