टीकमगढ़

ओरछा को पर्यटन से आस तो युवा बोले मिले रोजगार

आज प्रदेश सरकार अपना आखिरी बजट पेश करेगी। इस बजट को लेकर हर किसी को आस लगी हुई है।

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My State, My Budget

टीकमगढ़/ओरछा. आज प्रदेश सरकार अपना आखिरी बजट पेश करेगी। इस बजट को लेकर हर किसी को आस लगी हुई है। चुनावी साल का बजट होने से लोगों को लग रहा है कि सरकार इस बार खास सौगातें दे सकती है। ऐसे में लोग जिले के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं सहित हर क्षेत्र को लेकर आशांवित बने हुए है।

पर्यटन सर्किल से बनेगी बात
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ओरछा के लोग अब इसे पर्यटन सर्किल के रुप में विकसित होते देखना चाहते है। गाईड का काम करने वाले हेमंत गोस्वामी, नितिन खरे, संजय सिंह यादव, सुनील सिंह, हेमंत सिंह, शशिभूषण, इंदिर सिंह चौहान का कहना था कि ओरछा में देश भर से पर्यटक आते है। इन पर्यटकों को आगे टीकमगढ़ के पर्यटक स्थलों पर पहुंचाने पर्यटन सर्किल बनाया जाए तो सभी को ज्यादा काम मिलेगा। उनका कहना था कि जिले में कई ऐसे क्षेत्र है जो पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हो सकते है। उनका कहना था कि मडख़ेरा का सूर्य मंदिर, शिवधाम कुण्डेश्वर, खैराई के जंगल, वीर सागर तालाब सहित अन्य स्थल भी जिले के पर्यटन में महत्ती भूमिका निभा सकते है। ऐसे में सरकार को बजट में इसके लिए प्रावधान करने चाहिए।

उद्योग बहुत जरूरी
वहीं व्यापार वर्ग से जुड़े लोग भी सरकार से आस लगाए बैठे है। वह बजट में जिले में तमाम उद्योग स्थापित करने के लिए बजट देने पर जोर दे रहे है। ओरछा निवासी व्यापारी शिवभूषण अवस्थी, रोहित यादव, शिवम तिवारी, वीरेंद्र साहू, अंकित साहू, देवेंद्र कुशवाहा, विजय विश्वकर्मा सहित अन्य लोगों का कहना है कि यहां पर तमाम प्रकार के पर्यटक आते है। ऐसे में यदि सरकार यहां पर व्यापारियों को एंटिक सामान बनाने का प्रशिक्षण देने, हथकरघा को बढ़ावा देने के साथ ही कुछ अन्य उद्योग स्थापित कराने के लिए काम करें तो यह रोजगार के लिए बड़ा कदम होगा। उनका कहना था कि ओरछा में पर्यटन के हिसाब से कुछ खास उद्योग स्थापित होने से यहां की तस्वीर बदल सकती है।

रोजगार के हो प्रयास
वहीं युवाओं ने बजट में रोजगार के लिए खास बजट का प्रावधान करने की बात कही है। युवा हेमंत तिवारी, रामदयाल अहिरवार, नंदू वंशकार, पुष्पेन्द्र कुशवाहा एवं कादिर खान का कहना था कि हमारा जिला कृषि प्रधान है। ऐसे में युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है। रोजगार के लिए होने वाले इस पलायन से न चाहकर भी युवाओं को अपने परिवार से दूर होना पड़ता है। ऐसे में युवाओं ने जिले में रोजगार के लिए कृषि आधारित उद्योग के साथ ही मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग की है। युवाओं का कहना है कि मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान आने पर स्वत: ही रोजगार के संसाधन पैदा होते है।

उच्च शिक्षा के लिए हो प्रावधान
वहीं छात्र भी बजट को लेकर सरकार से आशा लगाए बैठे है। शिक्षा के मामले में काफी पिछड़े होने से छात्रों की मांग है कि सरकार इस बार के बजट में जिले में उच्च शिक्षा के लिए प्रावधान करें। छात्रों ने जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ ही सरकार नर्सिंग कॉलेज, बीफार्मा जैसे संस्थान के लिए बजट आवंटित करने की मांग की है। छात्र विकास विश्वकर्मा, दीक्षा सोनी, प्रहलाद कुम्हार एवं प्रत्येन्द्र का कहना था कि जिले में वर्तमान में सिर्फ पारंपरिक शिक्षा का ही व्यवस्था है, जबकि महानगरों में कई प्रकार के सरकारी संस्थान होने से छात्रों को काफी मदद मिलती है। उनका कहना है कि बाहर इकसे लिए जाने पर गरीब एवं मध्यमवर्ग के छात्रों को महंगी फीस के साथ ही वहां पर किराए से रहने का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है।

Published on:
28 Feb 2023 08:06 pm
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