
Not following the transition with the increase in rent
टीकमगढ़.जिले में २५० से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन परिवहन के नियम यात्रियों के लिए उलट है। कई बस ऑपरेटर संघ अवैध बसों के संचालन को रोकने के लिए धरने पर बैठे है तो कोई भोपाल, इंदौर, दिल्ली बगैर और अस्थाई परमिट से बसों का परिवहन कर रहा है। वहीं मप्र से उप्र के बानपुर में यात्रियों को भेजने का आरोप लगा रहे है। लेकिन परिवहन विभाग द्वारा किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नया बस स्टैंड से २५० बसें टीकमगढ़ के साथ छतरपुर, दमोह, जबलपुर, छिड़वाडा, सागर, भोपाल, इंदौर, झांसी, ग्वालियर, कानपुर, दिल्ली, महोबा, ललितपुर, अशोकनगर के साथ अन्य नगरों में बसों का संचालन किया जा रहा है। कई बसें रात में तो कई दिनों में चलाई जा रही है। जहां यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। वहीं कोरोना संक्रमण का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। जहां सुविधाओं के लिए यात्री तरस रहे है।
वन डोर वाली बसों में बना खतरा
यात्री मुकेश सेन ने बताया कि रात के समय भोपाल से जतारा के लिए आया था। वह बस वन डोर वाली थी। उसमें आपातकाल के लिए खिड़की भी थी। लेकिन उसमें चारों ओर से बोल्ड लगे हुए थे। जो तत्काल नहीं खुल सकती। उस बस में एक ही दरवाजा है। जहां बस खाली होने में १० से १५ मिनिट का समय लग रहा है। जो लोगों के लिए खतरा साबित हो सकती है।
नहीं मिली किसी बस चालक के पास ड्रेस
पत्रिका ने गुरूवार और शुक्रवार की सुबह, दोपहर और शाम के समय बस स्टैंड पर बस चालकों के हालात देखे तो वहां की स्थिति नियमों के उलट दिखाई दिए। कोई भी चालक और परिचालक ड्रेस में नहीं था। बसों के मुख्य दरवाजा और अंदर कोई किराया सूची नहीं थी। जहां यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा था। लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं मिल रही थी।
कोरोना संक्रमण के लिए नहीं थेे जागरूक
शुक्रवार को कई बसों को देखा, उनमें सवारियां तो बैठी थी। लेकिन उनके मुह पर मास्क नहीं था। ना ही वहां पर संक्रमण से बचने के लिए कोई संदेश चस्पा था और ना ही किसी को समझाया जा रहा था। वहां तो सिर्फ किराया और कहा तक जाने की बात की जा रही थी।
दिल्ली जाने वाली बसों के खिलाफ धरने पर बैठा बस ऑपरेटर संघ
दिल्ली जाने वाले अवैध बस संचालकों के खिलाफ बस ऑपरेटर संघ धरने पर बैठा है। बस ऑपरेटर संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया था कि टीकमगढ़ बस स्टैंड से नेशनल परमिट की स्लीपर कोच बसें दिल्ली के लिए अवैध तरीके से संचालित हो रही है। जहां छोटे बस ऑपरेटर टीकमगढ़ से झांसी बसों का संचालन नियमित समय चक्र और नियमित शासन का कर भुगतान करके करते थे। वे बसे चलाना अब मुश्किल हो गया है। अवैध तरीके से स्टैंड के बाहर दिन भर बुकिंग करते रहते है। कोरोना की वजह से लोकल ट्राफि क में भारी कमी आई है। वर्तमान में दिल्ली जाने वाले मजदूर ही निकल रहे है। जिन्हें हम लोग झांसी तक अपनी बसों में ले जाते थे और वहां से वे ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली चले जाते थे। अवैध संचालन से नुकसान हो रहा है। उन्हें रोकने के लिए बस ऑपरेटर संघ ने ज्ञापन सौंपा था। उसके बाद बस ऑपरेटर संघ धरने पर बैठा है।
Published on:
17 Jul 2021 08:55 pm
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