
On complaint PEG warehouse was removed from private and made procurement center
टीकमगढ़. शासन ने सरकारी वेयर हाउसों पर खरीद केंद्र बनाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए है, लेकिन जिम्मेदारों ने सरकारी वेयर हाउसों के खरीद केंद्रों को निजी वेयर हाउसों पर बना दिया है। जिसकी शिकायतें की गई। शिकायत पर कुण्डेश्वर के निती वेयर हाउस से हटाकर पीईजी वेयर हाउस पर केंद्र बना दिया गया है। जबकि बडोरा और बड़ागांव धसान वेयर हाउस से हटाए गए खरीद केंद्र आज भी निजी वेयर हाउसों में संचालित हो रहे है।
जिले में १ लाख ६० हजार मीट्रिक टन जगह सरकारी वेयर हाउस और ३ लाख से अधिक निजी वेयर हाउसों में जगह पड़ी हुई है और खरीदी का लक्ष्य ८५ हजार मीट्रिक टन रखा गया है। जिसके कारण निजी वेयर हाउसों को भरने के लिए राजनीति हस्तक्षेप दिखाई दे रही है। जिसके कारण सरकारी वेयर हाउसों पर बनाए जाने वाले खरीद केंद्र निजी वेयर हाउसों पर बना दिए गए है। जिसकी शिकायतें भी की गई, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इन वेयर हाउसों के हटाए गए खरीद केंद्र
बताया गया कि जिले में कई ऐसे वेयर हाउस है, जिन पर वर्षो से खरीद केंद्र बनते आ रहे है, लेकिन सरकारी वेयर हाउस भरने के कारण उन्हें हटा दिया गया है और नए वेयर हाउसों पर खरीद केंद्र बना दिए गए है। जिसमें उमा वेयर हाउस, श्री कृष्णा वेयर हाउस कुण्डेश्वर, विंध्यवासिनी वेयर हाउस, मजना, डिवाइन वेयर हाउस, मवई, द्वारिकाधीश वेयर हाउस, बड़ागांव धसान, माया वेयर हाउस, खरगापुर, रामराजा वेयर हाउस, खेरा, ऊँ सांई बीज उत्पादक समिति पंचमपुरा के साथ अन्य को हटा दिया गया है।
सरकारी वेयर हाउसों से हटाए गए खरीद केंद्र
राजनीति हस्तक्षेत के चलते सरकारी बडोरा वेयर हाउस के खरीद केंद्र को हटाया गया। उसके बाद बड़ागांव धसान के वेयर हाउस को हटाकर निजी वेयर हाउसों पर खरीद केंद्र बनाया गया है। यही हाल पीईजी वेयर हाउस से खरीद केंद्र हटाकर कुंण्डेश्वर के निजी वेयर हाउस पर खरीद केंद्र बनाया गया था, शिकायतें होने के बाद दोवारा पीईजी वेयर में खरीद केंद्र बना दिया है।
एफसीआई वेयर हाउस में १५ हजार मीट्रिक टन की जगह, ७० हजार मीट्रिक टन की कर दी मैपिंग
एफसीआई में 15 हजार मीट्रिक टन की जगह है। उसके लिए सोसायटियां चिन्हित कर एफसीआई मेें मैपिंग करना चाहिए, परंतु जिम्मेदारियों द्वारा ऐसा नहीं किया गया और 70 हजार मीट्रिक टन केंद्रों की मैपिंग एफसीआई में कर दी गई। जबकि एफसीआई के मापदंड अनुसार जिले में गेहूं उपलब्ध नहीं है, रिजेक्ट होने के भय से खरीदी केंद्र प्रभारियों द्वारा गेंहूं खरीदी से दूरी बनाई जा रही है। जिसके कारण किसानों को सस्ते दामों में बेचना पड़ रहा है।
इनका कहना
निजी वेयर हाउसों पर बनाए गए खरीद केंद्रों की जांच की जा रही है। एफसीआई वेयर हाउसों को भरने के लिए बाहर से अनाज आ रहा है। किसानों को खरीद केंद्रों पर अनाज बेचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सीताराम कोठारे, जिला खाद्य अधिकारी एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी टीकमगढ़।
Published on:
20 Apr 2023 07:19 pm
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