
One drop can kill more than 30 people
टीकमगढ़. समर्रा गांव के एक घर में सबसे अधिक जहरीला कॉमन करैत सांप आ जाने से हड़कम्प मच गया। उसकी जानकारी अजनौर के अमर सिंह को मिली। उन्होंने रात के समय अपनी सूझबूझ से रेस्क्यू चलाकर उसे एक बोतल में कैद कर लिया। उसके बाद गुरुवार की सुबह मधुवन जंगल में वन रक्षक दीपेश प्रजापति, वन विभाग के हर्ष कुमार तिवारी के साथ दीपक लोधी और धर्म अहिरवार के सहयोग से छोड़ा गया। दोपहर में एक और कॉमन करैत सांप आइटीआई कॉलेज में मिला है। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना था कि यह सांप बहुत जहरीला होता है। उसके काटने से व्यक्ति की दो से तीन घंटे में मौत हो जाती है। उसके एक बूंद जहर से ४० से अधिक लोगों का जीवन समाप्त हो जाता है। यह सांप ठंडा होता है और वह गर्मी की ओर भागता है। यह अक्टूबर, नवम्बर और दिसम्बर में बाहर आकर रहवासी क्षेत्रों में आते है।
अजनौर निवासी अमर सिंह राजपूत का कहना था कि बुधवार की शाम समर्रा गांव में शाम के समय सांप घर में आ गया था। उसको देखा तो वह कॉमन करैत सांप की प्रजाति का था। नेट पर सर्च किया और वन विभाग के कर्मचारियों को बताया तो उन्होंने उसे सबसे जहरीला सांप बताया और सावधान रहने की बात कही। लोगों को दूर करके रेस्क्यू चलाया, बड़ी मशक्कत के बाद उसे एक बोतल में कैद कर लिया। उसके बाद राहत की सांस ली। जब जानकारों ने बताया कि यह भारत के चार सांपों में एक जहरीला सांप है।
भारत के चार सांपो में से सबसे जहरीला सांप कॉमन करैत, मच्छर और चीटी की तरह होता काटने का दर्द
अमर सिंह का कहना था कि कॉमन करैत सांप भारत का एक सबसे जहरीला सांप है, इसे साइलेंट किलर भी कहते हैं। इसके काटने से व्यक्ति की 2 से 3 घंटे में मौत हो जाती है। उसके काटने का दर्द मच्छर या चींटी की तरह होता है। वह बहुत ठंडा होता है। मनुष्यों में गर्मी होती है, वहां पर छुपने के लिए जाता है। यह अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर के साथ फरवरी तक बाहर आते है। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्ति बाहर सोते है। वह मच्छरदानी लगाकर सोए। जिससे घटनाओं से बचा जा सके।
काटने पर यह बनती है स्थिति
उनका कहना था कि कॉमन करैत के काटने से आंखों में धुंधलापन,पेट, जोड़ों में दर्द, उल्टियां जैसे लक्षण दिखते हैं। कुछ ही घंटों में व्यक्ति कोमा में चला जाता है। इसमें हाइली रिएक्टिव न्यूरोटॉक्सिक वेनम पाया जाता है। इसकी एक बूंद से 30 से 40 व्यक्तियों की मौत हो सकती है। इसलिए इसे यमराज की रस्सी भी कहा जाता है। सांप को खुद पकडऩे की गलती न करें, घर में आने पर वन विभाग या एक्सपर्ट सर्पमित्र को सूचना दें।
एक महीने में किए छह रेस्क्यू
ग्रामीण क्षेत्र में घरों के अंदर जहरीले सांपों की सूचना मिली। एक महीने में सांपों के छह रेस्क्यू चलाए गए। पहला रेस्क्यू स्ट्राइप किलबेक, दूसरा रेस्क्यू इंडियन रेड स्नेक धामन, तीसरा रेस्क्यू इंडियन स्मूथ स्नेक, चौथा रेस्क्यू रसेल वाइपर, पांचवां रेस्क्यू काला सांप और छठवां रेस्क्यू गुरुवार को कॉमन करैत का किया गया है। सुबह से उसे मधुवन जंगल में छोड़ आए है। अमर सिंह का कहना था कि गुरुवार को टीकमगढ़ के आइटीआई कॉलेज में कॉमल करैत सांप की सूचना आई है। वहां भी रेस्क्यू करने के लिए जाउंगा।
Published on:
13 Oct 2022 06:56 pm
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