
orchha ke raja ram ke khajane ki praja ko milegi jankari
टीकमगढ़..राजा के रूप में पूजे जाने वाले भगवान रामराजा के खजाने की एक एक पाई का हिसाब जनता के पास होगा। मंदिर प्रंबधन के द्वारा की जा रही पहल सार्थक रही तो न केवल राजा राम,जानकी और लक्ष्मण के सोने-चांदी के आभूषणों की जानकारी प्रजा के पास रहेगी ,बल्कि देश और विदेश से आने वाले दान का हिसाब भी ऑनलाइन मौजूद होगा। इसके साथ ही मंदिर में रोजाना लगाए जाने वाले राजभोग और प्रसाद की राशि भी ऑनलाईन ही जमा की जाएगी।
बुंदेलखंड की अयोध्या कही जाने वाली राजा राम की नगरी में एक साथ पांच पीओएस मशीन शुरू कराई जा रही है। इसके लिए मंदिर परिसर को पूरी तरह वाई फाई किया जा रहा है। जिससे मंदिर में होने वाला कामकाज न केवल पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगा,बल्कि घर बैठा कोई भी श्रद्धालु ऑनलाइन ही मंदिर से मिलने वाली सुविधाओ का लाभ ले सकता है। खास बात है कि देश ही नही विदेशो में ओरछा के श्रीरामराजा मंदिर में दर्शन करने श्रद्धालु आते है।
पीओएस मशीन से मिलेगी पर्ची
ओरछा के श्रीरामराजा मंदिर को अपनी राजशाही पंरपराओ के लिए पहचाना जाता है। भगवान श्रीराम के राजा के रूप में मान्यता के कारण किसी भी पर्व को राजशी वैभव और पंरपरा का पालन करते हुए ही मनाए जाने का रिवाज है।
मंदिर की व्यवस्थाओं का समय के साथ आधुनिक करने की श्रद्धालुओ के द्वारा की जा रही मांग को पूरा करते हुए सरकार मंदिर में देश के अन्य मंदिरो की तरह पूरी तरह संचार नेटवर्क से जोडा जा रहा है। मंदिर आकर ही राजभोग और प्रसाद की पर्ची लेने को पूरी तरह बंद किया जा रहा है।
मंदिर को अपडेट करने का काम कर रहे जिला सूचना एवं विज्ञान केन्द्र के अपर सूचना अधिकारी अविनाश पाठक ने बताया कि मंदिर के प्रशासक ओर कलेक्टर अक्षय सिंह के निर्देश पर मंदिर में सुविधाओ को ऑनलाइन किया जा रहा है। मंदिर के बाहर ५ शासकीय कर्मचारी पीओएस मशीन के साथ मौजूद रहेगें।
जिनके द्वारा श्रद्धालुओ को राजभोग सहित अन्य किसी भी प्रकार के दान की रसीद दी जाएगी। यह पीओएस मशीन एन्ड्रायड बेस बिलिंग डिवाईस रहेंगी। सरकारी कर्मचारियो के लॉगिन और मोबाईल से मंशीनो को संचालन होगा। जो सीधे प्रदेश के सर्वर से कनेक्ट रहेंगीं। जिससे जो भी राशि जमा होगी वह सीधे सरकार की नजरो में रहेगी। पेपरलेस व्यवस्था के तहत केवल पीओएस की पर्ची ही मान्य होगी।
घर बैठै देखेगें राजा के खजाने में जमा धन
ऑनलाईन व्यवस्था को पूरी तरह पब्लिक पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। जिससे कोई भी श्रद्धालु न केवल घर बैठकर दर्शन की बुकिंग कर पाएगा साथ ही अन्य जानकारी भी देख सकेगा। अपर सूचना अधिकारी अविनाश पाठक ने बताया कि घर से कोई भी सेवा की बुकिंग करने पर ऑर्डर आईडी जनरेट होगी जिसे मदिर आकर कर्मचारियो को देने पर रसीद मिलेगी। उनका कहना था कि पीओएस में यह सुविधा दी गई है कि कहीं से भी ऑर्डर करने पर आईडी की जानकारी मिल जाएगी।
ऑनलाइन व्यवस्था में मंदिर को दिए जाने वाले सोने चांदी के आभूषण भी इसी पीओएस मशीन के माध्यम से दान किए जाएगें। मंदिर के दानपात्र को जब भी खोला जाएगा तो उसकी पाई पाई का हिसाब राजा राम की प्रजा को दिखया जाएगा। पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था में मंदिर में आने वाली राशि का हिसाब रहेगा तो रोजाना होने वाले खर्च का भी हिसाब दर्ज किया जाएगा। प्रक्रिया के दूसरे चरण में मंदिर की दुकानों से आने वाले किराए को भी ऑनलाइन दी जमा किया जाएगा। जिससे किसी भी तरह का गोलमाल न किया जा सके।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ चुके है सवाल
श्रीरामराजा मंदिर के आय व्यय को लेकर करोडो के गोलमाल को लेकर तत्कालीन क्लर्क मुन्ना भंडारी पर आरोप लग चुके है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई अधर में है। कलेक्टर की जांच में दोष साबित होने पर क्लर्क को हटाकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार जो मंदिर के व्यवस्थापक थे, वह भी जांच के दायरे में है। खास बात यह रही कि लोगो की आस्था के केन्द्र श्रीरामराजा मंदिर के क्लर्क को हटाए जाने के बाद आगामी माह में मंदिर को लाखों की आय हुई थी।
Published on:
03 Aug 2019 12:13 pm

बड़ी खबरें
View Allटीकमगढ़
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
