रेलवे ने जारी की निविदा, 6 माह में पूर्ण किया जाएगा सर्वे
टीकमगढ़. महोबा से ललितपुर तक की रेलवे लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। इसका सर्वे करने के लिए झांसी मंडल द्वारा निविदा जारी की गई है। रेलवे ने 6 माह के अंदर पूरा सर्वे कराने के निर्देश दिए है। सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे द्वारा इस लाइन को डबल किया जाएगा। महोबा तक ललितपुर डबल लाइन होने के बाद लोगों को सुविधा होगी।
जल्द ही महोबा से ललितपुर तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। इस मार्ग पर लगातार रेल की सुविधा बढऩे के बाद रेलवे द्वारा यह निर्णय लिया गया है। विदित हो कि इस मार्ग पर जहां लगातार सवारी गाडिय़ां बढ़ रही है, वहीं इस पर बड़ी मात्रा में माल गाडिय़ों का भी परिवहन होने लगा है। ऐसे में रेलवे ने महोबा से ललितपुर तक की 229 किमी की लाइन को डबल कराने के लिए सर्वे कराने का टेंडर जारी किया है। टेंडर की शर्तों के अनुसार ठेकेदार को 6 माह में यह सर्वे पूरा करना होगा।
निकाली जाएगी अनुमानित लागत
झांसी रेल मंडल के पीआरओ मनोज सिंह ने बताया कि सर्वे में इस डबल लाइन डालने में आने वाली लागत, फाइनल लोकेशन सर्वे, अधिग्रहित की जाने वाली जमीन, विस्तृत स्थल आकृति सर्वे सहित अन्य तमाम चीजों को शमिल कर इनसे नक्शे, थ्री डी फोटोग्राफ आदि की पूरी जानकारी की जाएगी। इसके बाद रेलवे द्वारा इस लाइन को डबल करने की आगे की योजना पर काम किया जाएगा।
समय से पहुंचेंगे ट्रेन, बढ़ेगी सुविधा
विदित हो कि वर्तमान में सिंगल लाइन होने से इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों को क्रासिंग के लिए स्टेशनों पर रोक दिया जाता है। सबसे अधिक परेशानी शाम के समय होती है। उस समय इस रूट पर एक साथ दो से तीन ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे में कई बार खजुराहो से कुरूक्षेत्र जाने वाली ट्रेन को ललितपुर के पहले ही आधा से एक घंटे के लिए आउटर पर रोक दिया जाता है। ऐसे में यह ट्रेन सुबह दिल्ली समय से नहीं पहुंच पाती है। ऐसी ही समस्या दूरी ट्रेनों के समय होती है। अब लाइन का दोहरीकरण हो जाने से लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी। वहीं बताया जा रहा है कि डबल लाइन होने से इस रूट पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
सिंगरौली लाइन अब भी अधूरी
विदित हो कि जिले को रेल लाइन की सुविधा देने वाली ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन से टीकमगढ़, छतरपुर में तो रेल का आगमन हो गया है, लेकिन यह लाइन अब तक पूरी नहीं हो सकी है। सिंगरौली के पास वन भूमि को लेकर चल रहे विवाद के चलते यह लाइन अधूरी पड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि यह लाइन पूरी होने के बाद से जिले में जहां तमाम यात्री ट्रेनों का संचालन बढ़ जाएगा, वहीं जिले में खनिज से संबंधित कारोबार भी तेजी से विकसित होना शुरू हो जाएंगे।