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करोड़ो का राजस्व देने के बाद भी रैक प्वाइंट के लिए नहीं मिल रही सुविधाएं

एक किमी कच्ची उबड़-खाबड़ सड़क पार कर प्वाइंट पर पहुंच रहे वाहन, अन्य सुविधाएं भी नदारद

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Railway Station Tikamgarh, Rack Point

Railway Station Tikamgarh, Rack Point

टीकमगढ़. रेलवे स्टेशन पर स्थाई गुड्स शेड स्वीकृत होने के बाद उसके निर्माण को लेकर किसी प्रकार की कार्रवाई होती नहीं दिख रही है। ऐसे में व्यापारियों के साथ ही रैक प्वाइंट के लिए माल ले जाने वाले वाहन चालक परेशान है। कच्ची सड़क के साथ ही रैक प्वाइंट पर चढऩे के लिए बना कच्चे स्लैब पर वाहन लहराकर चल रहे है। लोगों ने रेलवे से सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।


रेलवे द्वारा एक साल पूर्व जिले में माल ढुलाई के लिए अस्थाई शैड स्वीकृत किया था। 2021 में जनवरी माह से इस रैक से माल का लदान शुरू हो गया था और यहां पर लगने वाले रैक से रेलवे को 12 से 15 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त हुआ है। अस्थाई रैक से पर्याप्त माल निकलने के बाद 8 माह पूर्व रेलवे ने यहां के स्थाई शेड भी स्वीकृत कर दिया है। पिछले माह यहां का निरीक्षण करने आए उत्तर मध्य रेवले के महाप्रबंधक एवं जीएम के सामने भी यह इसकी मांग आने पर उन्होंने जल्द ही इसके लिए प्रयास करने की बात कहीं थी, लेकिन अब तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है।

लहरा कर चल रहे वाहन
रेलवे पुल के बाजू से रैक प्वाइंट तक के लिए खेतों के बीच से टनों माल डोलकर वाहन गुजर रहे है। कच्ची उबड़-खाबड़ सड़क से गुजर रहे यह वाहन कई बार पलटने से बचते है। सबसे ज्यादा समस्या मालगाड़ी के आने पर इन भारी वाहनों को मिट्टी से बनाए गए स्लैब से ऊपर चढऩे में होती है। लगभग एक किमी के इस कच्चे रास्तें को ही यदि रेलवे द्वारा दुरूस्त करा दिया जाता है तो भी लोगों को खासी सुविधा होगी। लेकिन इस पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


टेंट के पाइप पर लगी लाइट
रैक लोड कराने के लिए व्यापारियों द्वारा टेंट के पाइप लगाकर उस पर बिजली के तार डाल कर लाइट की व्यवस्था की गई है। व्यापारियों का कहना है कि रैक लगने पर हर उसे तत्काल ही लोड करना होता है, ऐसे में पूरी रात काम चलता है। रात के समय अंधेरे से बचने के लिए यह व्यवस्था की गई है। हवा-पानी में टेंट के इन पाइपों के गिर जाने से भी परेशानी होती है। एक-दो बार तो चोर भी यहां से कुछ पाइप निकाल ले गए है।


अन्य सुविधाएं भी नदारद
इन समस्याओं के साथ ही अस्थाई रैक प्वाइंट की और पानी से लेकर शौचालय तक की समस्या बनी हुई है। रैक लगने पर यहां पर एक से दो दिन लगातार दर्जनों मजदूर एवं व्यापारियों को काम करना पड़ता है। ऐसे में यह लोग पानी के लिए भी परेशान हो जाते है। पानी के लिए या तो यह 300 मीटर दूर मुख्य प्लेटफार्म पर जाते है। ऐसे में सभी ने जल्द ही यहां पर सुविधाएं दिलाने की मांग की है। झांसी मंडल के जीएम आशुतोष के निरीक्षण पर होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी है।