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टीकमगढ़

गजब तकनीक से बने तीन कुंड, कभी नहीं होता पानी खत्म

पलेरा. समीपस्थ ग्राम लहर बुजुर्ग के सिद्धबाबा मंदिर में बने प्राचीन तीन कुंड ऐसे है, जिनका पानी कभी खत्म नहीं होता है। ग्रामीणों की माने तो गर्मियों के दिनों में भी इन कुंड में हमेशा पानी भरा रहता है।

टीकमगढ़Jun 28, 2024 / 06:46 pm

Rizwan ansari

पलेरा। सिद्धबाबा मंदिर में बने प्राचीन कुंड।

पलेरा। सिद्धबाबा मंदिर में बने प्राचीन कुंड।

लहरबुजुर्ग के सिद्धबाबा मंदिर में राजशाही दौर में किया गया था निर्माण

पलेरा. समीपस्थ ग्राम लहर बुजुर्ग के सिद्धबाबा मंदिर में बने प्राचीन तीन कुंड ऐसे है, जिनका पानी कभी खत्म नहीं होता है। ग्रामीणों की माने तो गर्मियों के दिनों में भी इन कुंड में हमेशा पानी भरा रहता है। इसमें से एक कुंड के पानी का उपयोग जहां ग्रामीण पेयजल सहित अन्य कामों में करते है तो दो कुंड से मवेशी अपनी प्यास बुझाते है। लोगों की माने तो इन कुंड की गहराई भी महज 10 से 15 फीट है, लेकिन पानी कभी खत्म नहीं होता है।
लहर बुजुर्ग में स्थित प्राचीन सिद्धबाबा के शिव मंदिर में जल संग्रहण की बेजोड़ व्यवस्था की गई थी। यह मंदिर और कुंड कितने प्राचीन है, इसकी सही जानकारी तो किसी को नहीं है, लेकिन यहां पर जल संग्रहण के लिए बने यह कुंड आज भी बेजोड़ है। लोगों की माने तो कई बार गर्मियों में गांव के दूसरे जलस्रोत जो जवाब दे जाते है, लेकिन इन कुंड को लोगों ने कभी सूखा नहीं देखा है। प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह सिद्धबाबा का मंदिर पूरे क्षेत्र भर के लोगों की आस्था का केंद्र है और यहां पर बने कुंड जलापूर्ति का प्रमुख साधन। लोग कहते है कि इन कुंड में कहां से पानी आता है और कैसे यह भरे रहते है कुछ पता नहीं।
पानी नहीं होता खराब
गांव के बुजुर्ग मथुरा प्रसाद पंडा बताते है कि उन्होंने इन कुंड को कभी खाली नहीं देखा है। बाहर के कुंड के पानी का उपयोग लोग पीने के लिए करते है। उनका कहना है कि इस पानी को आप कितने भी दिन रखे, खराब नहीं होता है। महेश तिवारी, दशरथ प्रजापति, महादेव यादव, सूका कोरी, रामदास अहिरवार बताते है कि सालों से गांव की आधी आबादी इन्हीं कुंड से पानी की पूर्ति कर रही है। वह कहते है कि मकर संक्रांति के पर्व पर तो यहां पर क्षेत्र भर से 10 हजार से अधिक लोग यहां पहुंच कर स्नान करते है, लेकिन न तो पानी गंदा होता है और न ही खत्म होता है।
पहाड़ से होगा स्रोत
इन कुंड में हमेशा पानी रहने की वजह कुछ लोग इस मंदिर से लगे पहाड़ को बताते है। लोगों का कहना है कि इस मंदिर के पीछे विशाल पहाड़ लगे है। साथ ही इसके पास वन्य क्षेत्र है। ऐसे में बारिश का पानी इन पहाड़ों में संग्रहित हो जाता है और फिर यह जमीन से इन कुंड में आता होगा। ऐसे में गांव भी कभी पानी की कमी नहीं होता है।

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