16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नई ड्रेस, नई बॉटल और नई किताबें भा रही बच्चों को

जुलाई माह से बच्चों का स्कूल जाना और कक्षाएं लगना शुरू हो गया है

2 min read
Google source verification
School open

School open

टीकमगढ़.जुलाई माह से बच्चों का स्कूल जाना और कक्षाएं लगना शुरू हो गया है। बच्चों को स्कूलों में खेल खिलौने और अन्य प्रकार की कविताएं सिखाई जा रही है। स्कूलों में बच्चों का मन भी लगने लगा है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल ओपन हो गए है। बच्चों में स्कूल जाने का क्रेज भी बना है। इस बीच पहली बार स्कूल ज्वाइन करने वाले बच्चों का स्कूल स्टाइल देखते- देखते ही बन रहा है। ड्रेस तो न्यू है ही पर उनके हाथ में नई पानी को बॉटल, स्कूल बैग और टिफिन बॉक्स भी नया-नया दिख रहा है। अभिभावक भी बच्चों को स्र्माट बनाने के लिए उनके फै ंशन स्टाइल से समझौता नहीं कर रहे है। उनकी बेटी और बेटा स्कूल जाते समय स्र्माट लगे। इसके लिए वह बच्चों को अच्छी सी ड्रेस दिलवा रहे है। यहां तक की वह खुद से बच्चों का मनपंसद स्टेशनरी भी दिखवा रहे है। जिससे बच्चों का स्टाइल भी बरकारार रहे और स्कूल जाने में आना कानी न करें।

स्मार्ट बच्चें सभी के प्रिय
अभिभावक गोविंद्र सिंह कुशवाहा ,राजेंद्र लोधी, राकेश अहिरवार, किशन यादव, बिक्रम यादव, मनोज यादव, भूपेंद्र यादव, अनिल विश्वकर्मा, संतोष यादव का कहना है कि बच्चों को हमेशा स्र्माट दिखना चाहिए। इससे वह खुश रहते है। उन्हें खुद स्कूल जाना अच्छा लगता है। जो दिखने में स्र्माट लगते वह सभी को प्रिय होते है। स्कूल में सभी टीचर लोग उनका ध्यान रखते है। जब हम बच्चों को स्र्माट बनाकर स्कूल भेजते है तो वह स्कूल जाने में आना कानी नहीं करते है और खुशी-खुशी स्कूल जाते है।
खुद ही करते है डिमांड
पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चें स्र्माट दिखने के लिए अपने अभिभावक से नई ड्रेस बैंग, लंच बॉक्स, पानी की बॉटल तक की डिमांड करते है। वे इन सबमें अपने मनपंसन कार्टून की भी डिमांड करते है। उनका कहना है कि स्कूल में हर बच्चा स्टाइलिस बनकर आता है तो हम कैसे पीछे रहे और डिमांड सिर्फ पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चें नहीं करते बल्कि नर्सरी से क्लास फस्र्ट के बच्चों में वहीं डिमांड होती है।