टीकमगढ़

संगीत की धुन पर 64 भगवानों पर कराई रिद्धि की शांतिधारा

पर्युषण व दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन

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Shantidhara of Riddhi performed to 64 Gods to the tune of music

टीकमगढ़. पर्यूषण एव दशलक्षण पर्व के अन्तिम दिन अनंत चौदस पर आर्यिका आदर्श मति माताजी के सान्निध्य में 6 4 रिद्धि भगवान का अभिषेक पूजन संंगीत की धुन पर पूरे विधि विधान से किया गया। टीकमगढ में पहली बार शांति मंत्रों द्वारा 64 भगवानों पर एक साथ 64 रिद्धि की शांति धारा कराई गई। वहीं मझार जैन मन्दिर नंदीश्वर मंदिर में वासु पूज्ज भगवान के निर्माण दिवस पर लाडू चढ़ाया गया। विधि विधान से उनकी पूजा अर्चना की गई।
आर्यिका माता आदर्श मति माताजी सत्संग के सान्निध्य में दिगंबर जैन नया मंदिर जी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूजन के बाद माता जी के मंगल प्रवचन हुए।
धर्मसभा में माताजी ने कहा कि नियम लेकर कार्य करने से प्राणी मात्र का कल्याण होगा।
उन्होंने कहा कि समाज में एकता होगी तो सभी कार्य अच्छे ढंग से कर सकते हैं। सांध्यकालीन बेला में संगीत की धुन पर भगवान की मंगल आरती की गई।मझार जैन मन्दिर में सतेन्द्र सराफ एव बजाजजी टीकमगढ ने भजन गाए।चिंतामन झा, आजाद, पूरनलाल, जीतू, झीका व केशव सिंह ने अपने-अपने साज के साथ उनका साथ दिया।
बांटे जाएंगे सोने के आभूषण
रविंद्र जैन ने बताया कि मझार जैन मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा में लकी ड्रॉ विजेता को अरविंद ऑप्टिकल द्वारा सोने के आभूषण बांटे जाएंगे।
पर्यूषण पर्व के समापन पर मझार जैन मंदिर से दोपहर 1 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें 1.15 बजे के पहले पहुंचने वाले जोड़े को लकी ड्रा में शामिल किया जाएगा । सभी जोड़ों को अपनी ड्रेस में कुर्ता पजामा एवं महिला वर्ग के लिए पीली साड़ी अनिवार्य है ।
सभी जोड़ों के लिए मझार जैन मंदिर से राजेंद्र पार्क मानस मंच तक शोभायात्रा के साथ में चलना अनिवार्य किया गया है । 1.15 के पहले पहुंचने वाले प्रतियोगियों की पर्ची का नंबर उन्हें दे दिया जाएगा।
एक पर्ची लकी ड्रा वाले बॉक्स में डाल दी जाएगी । मानस मंच पर यह लकी ड्रा खोला जाएगा । जिसमें तीन प्रकार के सोने के आभूषण एवं दो प्रकार के चांदी के आभूषण और 10 पुरस्कार लकी ड्रा के अलग से होंगे ।

Published on:
13 Sept 2019 10:21 am
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