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कमल के फूल पर विराजमान है रिद्धि-सिद्धि के दाता, विपरीत दिशा में सूंड

ओरछा से पुलिस लाइन पहुंची थी भगवान गणेश की प्रतिमा

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The giver of Riddhi-Siddhi is seated on a lotus flower.

The giver of Riddhi-Siddhi is seated on a lotus flower.

टीकमगढ़. पुलिस लाइन में विराजे रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणपति का मंदिर जहां लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है, वहीं यह प्रतिमा भी अपने आप में अद्भुत है। इसमें भगवान श्रीगणेश कमल के फूल पर विराजमान है और इनकी सूंड विपरीत दिशा है। अधिकांश गणेश प्रतिमाओं में सूंड बाएं ओर होती है, जबकि इसमें दाएं ओर है।


पुलिस लाइन में 2015 में बनकर तैयार हुआ भगवान गणेश का मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। यह मंदिर भले ही 7 वर्ष पूर्व बना हो, लेकिन यहां पर प्रतिमा की स्थापना 1978 में हो गई थी। यह प्रतिमा पुलिस विभाग में चालक रहे पन्नालाल चढ़ार ओरछा से यहां लेकर आए थे। इसके बाद उन्होंने इस प्रतिमा को सिविल लाइन में स्थित कुएं के पास चबूतरा बनाकर स्थापित करा दिया था। ऐसे में यहां पर लोग जल चढ़ाने आते थे और पूजन करते थे।

चोरों ने निकाली थी प्रतिमा
पन्नालाल चढ़ार बताते है कि भगवान यह गणेश की प्रतिमा ओरछा के किले में स्थापित थी। उस समय चोरों ने इस प्रतिमा को खजाने के लिए हटाया था। चोर इस प्रतिमा को यहीं पर छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा की पीठ में एक सोने की ईंट लगी थी, जिसे चोर निकालकर ले गए थे। इसके बाद यह प्रतिमा ओरछा थाने में रखी हुई थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस प्रतिमा को देखा तो न जाने क्यों इच्छा हुई कि भगवान को साथ ले जाए। इस पर वह उन्होंने तत्कालीन थाना प्रभारी से बात की और प्रतिमा अपने साथ ले आए।


लोगों की आस्था का केन्द्र
यह प्रतिमा और मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। यह पूरा मंदिर स्थानीय लोगों के सहयोग से बनाया गया है। मंदिर में आस्था रखने वाले सुशील प्रजापति बताते है कि यहां पर विराजे भगवान गणेश मनोकामनापूर्ति करने वाले है। वह लोग सालों से इस मंदिर से जुड़े हुए है। वहीं राहुल नामदेव का कहना है कि यहां पर आकर शांति मिलती है। अपने आप में अच्छा अनुभव होता है।