
This conversation happened with broker and Babu
टीकमगढ़. जिले के आरटीओ विभाग की हालत किसी से छिपी नही है। शासन प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी यहां आरटीओ है कि ऑफि स नहीं पहुंच रहे है और पूरा काम दलालों के हाथों हो रहा है। आलम यह है कि इन दलालों के भरोसे यहां पर पदस्थ लिपिक भी दिखाई दे रहे है। शुक्रवार को जब पत्रिका ने यहां पर स्टिंग किया तो कुछ ऐसा ही मामला सामने आया।
शुक्रवार की दोपहर 12:45 बजे जब पत्रिका रिपोर्ट ग्राहक बनकर आरटीओ ऑफि स पहुंचा तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। जिला परिवहन अधिकारी निर्मल कुमरावत गायब थे और उनके कक्ष में ताला पड़ा हुआ था। यहां पर पदस्थ लिपिक एवं कम्प्यूटर कक्ष को छोड शेष कमरे बंद थे। यहां पर कुछ दलाल बाबू के कमरे में रखी फ ाइलों को छांट रहे थे तो लिपिक अशोक श्रीवास्तव चने खाने में व्यस्त थे। कार्यालय में पत्रिका रिपोर्टर ने जब लाइसेंस बनवाने के लिए लिपिक अशोक श्रीवास्तव से जानकारी चाही तो वह चने खाने में मशगूल रहे और दलाल जवाब देता रहा। आरटीओ कुमरावत के बारे में जानकारी मांगी तो दलाल बोला रोज आते है, आज किस कारण से नहीं आए पता नहीं। आपको साहब का क्या करना है, लाइसेंस बनवाना है तो मुझे बताएं। वैसे भी सारा काम अब ऑनलाइन हो गया है, ऐसे में अधिकारी की जरूरत ही नहीं रहती है।
एकाध बार ही आते है अधिकारी
आरटीओ ऑफि स में अपने काम से पहुंचे लोगों ने बताया कि वह लाइसेंस के लिए कई दिनों से भटक रहे हैए लेकिन आज तक उन्हें अधिकारी नहीं मिले है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी लाइसेंस तैयार नहीं हुआ है। अब एक दलाल से बात की है और उसने 15 दिन में काम करने का आश्वासन दिया है। आरटीओ ऑफि स में लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंचे बड़ागांव धसान निवासी रविंद्र कुशवाहा, पलेरा के संतोष अहिरवार का कहना था कि वह भी अपने के काम के लिए अधिकारी का इंतजार कर रहे है।
परिचय देते ही गायब हुए दलाल
पूरे कार्यालय की हालत देखने, दलाल और बाबू से बात करने के बाद जैसे ही पत्रिका रिपोर्टर ने अपना परिचय दिया तो दलाल गायब हो गए। वहीं लिपिक अशोक श्रीवास्तव भी अपने चने लेकर बाहर निकल गए। उनका कहना था कि जिले में सब काम अच्छे से चल रहा है। यहां पर कोई काम पेंडिंग नहीं है। वहीं यहां पर लाइसेंस बनवाने पहुंचे प्रकाश नामदेव का कहना था कि जब तक बाबू फ ार्म को मार्क नहीं करते है, लाइसेंस नहीं बनता है।
कक्ष में बैठा बाबू
रिपोर्टर-लाइसेंस बनवाना थाए कितने में बनेगा।
बाबू- ऑनलाइन कर दोए बाहर दुकानें लगी है।
रिपोर्टर-अधिकारी कब से नहीं आए।
बाबू-वह तो प्रतिदिन आते है, आज नहीं आए।
रिपोर्टर- फि र फ ाइलें कैसे आगे बढ़ती है।
बाबू-सब ऑनलाइन है, अधिकारी की जरूरत नहीं पड़ती।
रिपोर्टर-सही बताओ अधिकारी कब से नहीं आए।
दलाल-अधिकारी की जरूरत नहीं पड़ती है, डिजिटल हस्ताक्षर होते है।
रिपोर्टर- बाबू तो बता रहे है कि अधिकारी प्रतिदिन आते हैं ऑफि स।
दलाल-अधिकारी के पास निवाड़ी और टीकमगढ़ का प्रभार है। इस कारण से वह निवाड़ी जाते हैं। टीकमगढ़ कई दिनों से नहीं आए हैं।
Published on:
11 Mar 2023 11:34 am
बड़ी खबरें
View Allटीकमगढ़
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
