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निवाड़ी में बनेंगे खिलौने, तो पावरलूम प्रोजेक्ट से बुनकरों को मिलेगा काम

25 करोड़ की लागत से विकसित किए जाएंगे दोनों प्रोजेक्टर, मिली स्वीकृति

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Toys will be made in Niwari

Toys will be made in Niwari

टीकमगढ़. जल्द ही निवाड़ी जिला खिलौनों और हथकरघा का हब बनेगा। यहां पर सरकार ने दोनों प्रोजेक्ट को स्वीकृति दे दी है। इसके लिए विभाग ने योजना बनाकर काम शुरू कर दिया गया है। इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।


जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजशेखर पाण्डे ने बताया कि निवाड़ी जिले के ग्राम पिपरा में खिलौना बनाने की फैक्ट्री लगाई जाएगी। यहां पर खिलौने बनाने के साथ ही युवाओं को इसकी ट्रेनिंग भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्टर केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है। इस प्रोजेक्ट में कुछ अड़चन आने के बाद उन्हें दूर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट सरकार की स्फूर्ति योजना के तहत तैयार किया गया है। इसके लिए सरकार द्वारा 4.5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट बनने के बाद यहां पर युवाओं को रोजगार मिलेगा तो निवाड़ी जिला खिलौना निर्माण के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में पहचान बनाएंगा।

150 कारीगरों को मिलेगा नया जीवन
वहीं यहां पर सरकार ने 20 करोड़ रुपए के पावरलूम प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस क्षेत्र में अनेक कारीगर थे तो मऊरानीपुर पर चलने वाली रानीपुर टेरीकॉट के लिए काम करते थे। लेकिन मऊरानीपुर में काम बंद होने से यह कारीगर बेरोजगार हो गए थे। वर्तमान में यहां पर 150 के लगभग कारीगर अब भी इसका काम कर रहे है। उन्होंने बताया कि निवाड़ी जिले के तरीचरकलां क्षेत्र के लगभग हर घर में यह काम होता था। लेकिन मऊरानीपुर से मिलें बंद होने के बाद से यह कारीगर बेरोजगार हो गए थे। उनका कहना है कि अब इन कारीगरों के लिए यहां पर लगभग 20 एकड़ में क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

इसके लिए 20 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि यहां पर पावरलूम प्रोजेक्ट के तहत दरी, चादर, कपड़ों का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन कारीगरों को बाहर की कंपनियों से लिंकअप कराकर काम कराया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत कारीगरों को भूखंड और शेड का निर्माण कराकर सुविधाएं दी जाएंगी। वहीं मशीनों के लिए कारीगरों को बैंकों से लिंकेज कराकर मदद कराई जाएगी। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में यह काम शुरू होने पर तमाम प्रकार के रोजगार सृजित होंगे।

अधिकारियों की लापरवाही से अटका था काम
विदित हो कि निवाड़ी का खिलौना प्रोजेक्ट लगभग 6 माह पूर्व ही शुरू होता। लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह अटका रहा। इस प्रोजेक्ट में टेक्निकल रूप से सहयोग देने वाली फर्म द्वारा कुछ अनलीगल डिमांड के चलते काम अटका हुआ था। इसकी जानकारी सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार को होने के बाद उन्होंने इस मामले में बात कर इस अड़चन को दूर कराया था। राजशेखर पाण्डे का कहना था कि अब जल्द ही इसका काम शुरू किया जाएगा और क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिलेगी।