
टीकमगढ़. वाणिज्यकर विभाग।
बढ़ सकती है वसूली की राशि, किराए पर दी दुकानों एवं अन्य संपत्तियों का जमा नहीं कर रहे टैक्स
टीकमगढ़. नगरीय निकाय भी शासन के नियमों का पालन न करते हुए जीएसटी जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में शासन को हर साल लाखों रुपए की चपत लग रही है। विभिन्न संपत्तियों को किराए पर देकर टैक्स जमा न करने वाले 7 नगरीय निकायों पर वाणिज्यकर विभाग ने 65 लाख रुपए से अधिक की रिकवरी निकाली है। साथ ही शेष नगरीय निकायों से उनकी जानकारी मांगी है।
जिले के विभिन्न नगरीय निकायों द्वारा अपनी दुकानों के साथ ही अन्य भवन एवं जमीन को किराए पर दिया गया है। इससे हर माह नगरीय निकाय किराए की वसूली कर रहे है। नियमानुसार जीएसटी में बिना पंजीकृत व्यापारियों को किराए पर दी गई संपत्तियों से प्राप्त किराए का 18 प्रतिशत जीएसटी के रूप में नगरीय निकायों को वाणिज्यकर विभाग में जमा कराना होता है, लेकिन नगरीय निकाय इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वाणिज्यकर विभाग ने पिछले 8 सालों के किराए के हिसाब से जीएसटी की गणना कर नगरीय निकायों को टैक्स जमा कराने के नोटिस जारी किए हैं।
यह है नियम
वाणिज्यकर अधिकारी एसपी ङ्क्षसह ने बताया कि नगरीय निकायों को एक टीडीएस के लिए और सामान्य जीएसटी पंजीयन कराना होता है। सामान्य जीएसटी पंजीयन में अपंजीकृत व्यापारियों से वसूल किए जाने वाले टैक्स में से 18 प्रतिशत की राशि जीएसटी के रूप में विभाग को जमा करानी होती है। इसके लिए पूर्व में भी सभी नगरीय निकायों को तीन बार पत्र जारी करने के साथ ही सभी को इसका प्रशिक्षण दिया गया है, इसके बाद भी यह लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे है। ऐसे में सभी को अब पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही पिछले 8 सालों का टैक्स जमा कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
इन निकायों पर निकली रिकवरी
वाणिज्यकर अधिकारी एसपी ङ्क्षसह ने बताया कि नगर परिषद बड़ागांव धसान पर जीएसटी और सीजीएसटी मिलाकर 1.20 लाख रुपए, निवाड़ी पर 3 लाख रुपए, जतारा पर 8.40 लाख रुपए, पृथ्वीपुर पर 19.40 लाख रुपए, पलेरा पर 11.40 लाख रुपए, खरगापुर पर 19.80 लाख रुपए एवं बल्देवगढ़ पर 6.36 लाख रुपए टैक्स जमा कराने का नोटिस जारी किया गया है। उनका कहना था कि टीकमगढ़ नगर पालिका द्वारा अब तक अपंजीकृत व्यापारियों को किराए पर दी गई दुकानों एवं अन्य संपत्तियों की जानकारी नहीं दी गई है। इसके साथ ही शेष नगरीय निकायों से भी इसकी जानकारी मांगी गई है।
की जाएगी वसूली
सभी को एक सप्ताह के भीतर जीएसटी और सीजीएसटी की राशि जमा कराने का पत्र लिखा गया है। यदि इसके बाद भी कर जमा नहीं कराया जाता है तो विभाग टैक्स के साथ ही पेनाल्टी और ब्याज की राशि वसूली करने की कार्रवाई करेगा।
- एसपी ङ्क्षसह, वाणिज्यकर अधिकारी, टीकमगढ़।
Published on:
22 Nov 2024 06:13 pm

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