
टोंक. प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बिजली चोरी रोकने को लेकर गठित टीमों ने बुधवार को शहर के कई क्षेत्रों में छापे मारे।
टोंक. प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बिजली चोरी रोकने को लेकर गठित टीमों ने बुधवार को शहर के कई क्षेत्रों में छापे मारे। इस दौरान उपभोक्ताओं में हडक़म्प मच गया। विशेष अभियान के तहत बिजली चोरी के 116 मामले पकड़े गए। इन उपभोक्ताओं पर 28 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया।
शहर में दिनोंदिन बढ़ी रही बिजली छीजत से चिंतित जिला कलक्टर सुबेसिंह यादव व अधीक्षण अभियन्ता डी. सी. अग्रवाल के निर्देश पर शहर में डेढ़ दर्जन सतर्कता टीमों का गठन किया गया है। इसके तहत दोपहर बाद बहीर क्षेत्र, बैगम बाग, गहलोद रोड, मेहंदीबाग, तेलियों की गली, ऊंटवाली, कारीगरों की गली, कायमखानियों की गली समेत अन्य क्षेत्रों में छापे मारे गए।
टीमों में शामिल कर्मचारियों ने एक के बाद एक घर पहुंचकर मीटरों की जांच की। कार्रवाई के बीच लोगों की भीड़ लग गई। मौके पर मौजूद पुलिस लाइन व अन्य थानों से लगाए गए पुलिसकर्मियों ने मशक्कत कर भीड़ को हटवाया। अधीशासी अभियन्ता मथुरालाल मीना ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुल 116 मामले पकड़े गए। इसमें बिजली मीटर से छेड़छाड़ के 73, सीधे बिजली चोरी के 24 एवं बिजली दुरुपयोग के 19 मामले शामिल है।
इस मौके पर एसडीएम प्रभातीलाल जाट, अधिशासी अभियन्ता दिनेश कनोजिया, पुखराज मीना, पी. एस. सिंधु, पुलिस उपाधीक्षक संजय शर्मा, कोतवाल अशोक मीणा, बिजली थाना प्रभारी बृजमोहन कविया, मेहंदवास थाना प्रभारी छोटेलाल मीणा, सहायक अभियन्ता आर.डी. मीणा, डी. के. जैन, धर्मसिंह मीणा, मानसिंह, हेमन्त परवाना, देशराज यादव, अनिल मीणा, गोरधन चौधरी समेत कई अभियन्ता व बिजलीकर्मी मौजूद थे।
कर्मचारी निलम्बित
निवाई. तहसीलदार गजेन्द्र गोयल ने राजकार्य के प्रति उदासीनता बरतने पर सहायक कर्मचारी को निलम्बित किया है। तहसीलदार ने बताया कि सहायक कर्मचारी कंचन वर्मा को राजकीय अवकाश 14 जनवरी को ड््यूटी देने के लिए लगाया गया था, लेकिन शद्द अनुपस्थित था। इससे पहले भी कार्यालय में अनुपस्थित रहने पर उसे कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। उन्होंने विभागीय जांच प्रस्तावित करते हुए निलम्बन काल में उपस्थिति कलक्ट्रेट में देने करने के निर्देश दिए।
Published on:
18 Jan 2018 07:25 am
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