टोंक/ टोडारायसिंह. टोंक जिले के टोडारायसिंह क्षेत्र स्थित भासू गांव निवासी 7 साल की कृषा वैष्णव ने संस्कृत में आदित्य हृदय स्तोत्र के 31 श्लोकों को महज 2 मिनट 18 सेकंड में पाठकर यह अनूठा रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवाया है।
इससे पहले भी कृषा ने अपनी आवाज में शिव तांडव स्त्रोत, महिषासुर मर्दिनी, हरी स्तोत्रम और राम कथा के म्यूजिकल एलबम बनाए हैं। खेलने कूदने की उम्र में कृषा ने यह उपलब्धि हासिल की है।
अनूठे रिकॉर्ड को लेकर सब जगह चर्चा है। रिकार्ड बनाने वाली कौन हैं कृषा? कृषा वैष्णव टोंक जिले के भांसू गांव निवासी है। इसके पिता डॉ. जयराज वैष्णव भीलवाड़ा में महात्मा गांधी हॉस्पिटल में नाक, कान, गला (ईएनटी) रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत है।
बताया जा रहा है कि कृषा राजस्थान की पहली बालिका है, जिसने इस तरह का कारनामा कर दिखाया है। पहले भी म्यूजिकल एलबम बनाएं अनूठी की प्रतिभागी धनी कृषा वैष्णव इससे पहले भी काफी सुर्खियों में रही। भासू निवासी कृषा के दादा रामनिवास वैष्णव ने बताया कि कृष्णा जब ४ साल की थी।
तब भी उसने अपनी आवाज में शिव तांडव स्त्रोत, महिषासुर मर्दिनी, हरी स्तोत्रम और राम कथा के म्यूजिकल एलबम बनाएं। इसको लेकर भी लोगों ने उसकी काफी प्रशंसा की और कृषा काफी सुर्खियों में रही। इस कार्य में कृषा के माता-पिता ने पूरा सहयोग देते हैं। कृषा वर्तमान में दूसरी कक्षा की छात्रा है।
संगीत में भी है रूचि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करने वाली कृषा, संगीत और अन्य कलाओं में भी अपनी रुचि रखती है। हारमोनियम पियानो जैसे वाद्य यंत्रों का बेहतर तरीके से वादन करने के बीच वर्तमान में वह संगीतज्ञ डॉ. दीपेश विश्नावत से संगीत की शिक्षा भी ले रही है।
कृषा की गायन और वादन दोनों में अच्छी पकड़ होने से हर बार उसका बेहतर प्रदर्शन रहा है। टीआर०११२सीएफ टोडारायसिंह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाली कृषा वैष्णव