
अधिवक्ताओं ने कार्य का बहिष्कार कर कलक्ट्रेट में पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन
टोंक. जिला अभिभाषक संघ की ओर गुरुवार को कलक्ट्रेट में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने अधिवक्ता तथा उसके परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगा पुरानी टोंक थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि अधिवक्ता छोटूलाल पहाडिय़ा परिवार के साथ बैठे थे। इस दौरान पुरानी टोंक थाना प्रभारी जाप्ते के साथ आए और किसी मामले की जांच को लेकर छोटूलाल समेत परिवार के साथ मारपीट कर दी। अधिवक्ता को पुलिसकर्मी घसीटते हुए घर से बाहर ले आए।
बाद में लोगों ने उसे छुड़वाया। सूचना के बाद नाराज अधिवक्ता पुलिस अधीक्षक के घर पहुंच गए। जहां उन्हें आश्वासन दिया गया कि पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन दो दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अधिवक्ता नाराज हो गए।
वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी मिले, लेकिन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला तक दर्ज नहीं हुआ। ऐसे में अधिवता पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए। जहां वे परिसर में ही अधिकारियों को बुलाने पर अड़ गए। बाद में अतिरिक्त जिला कलक्टर ने उनसे बात की और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान अधिवक्ता देवकरण गुर्जर, कादिर, विकास लोदी, धीरज संगत, राजेन्द्र पराना, जुगनू शर्मा, ओमप्रकाश राजोरा, कफिल अहमद, बैणी गुर्जर, बृजमोहन शर्मा आदि मौजूद थे।
तोडफ़ोड़ का मामला दर्ज, कनिष्ठ अभियंता ने दी रिपोर्ट
देवली. जयपुर विद्युत वितरण निगम लि. के कनिष्ठ अभियंता (द्वितीय) धर्मराज जैन ने सब स्टेशन पावर हाउस नासिरदा में तोडफ़ोड़ करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। दर्ज रिपोर्ट में बताया कि गुमान, चंदू वैष्णव व बसंत मीणा वैन में सवार होकर नासिरदा पावर हाउस आए।
जहां उन्होंने शराब पीकर पावर हाउस में उत्पात मचाया। आरोप लगाया कि तीनों जनों ने फीडर इंचार्ज आलमगीर व कर्मचारी सौरभ शर्मा के पिता को अपशब्द कहे। वहीं पावर हाउस में रखे फर्नीचर को तोड़ डाला। रिपोर्ट में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। मामले की जांच एएसआई रामकुमार मीना को सौंपी गई।
कार्रवाई की मांग
टोंक. कोटा में पुलिस हिरासत में हुई एक जने की मौत मामले को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज के जिलाध्यक्ष रमेश महावर ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। इसमें बताया कि कोटा में हनुमान कोली की हिरासत में दी गई यातनाओं से मौत हो गई।
ऐसे में दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार को आर्थिक मदद समेत अन्य की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पंकज महावर, जगदीशप्रसाद, हेमंतकुमार, जगदीश, लक्ष्मण, बाबूलाल आदि मौजूद थे।
Published on:
06 Sept 2019 11:13 am

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