22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टोंक

video: अब मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना व आरजीएचएस में नही होगा इलाज, अस्पताल संचालकों ने लिया फैसला

राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में पन्द्रहवें दिन भी जिलेभर में प्राईवेट हॉस्पिटल की हड़ताल जारी रही। सरकार की और से बिल को वापस नही लेने पर निजी अस्पताल संचालकों ने राज्य सरकार की आरजीएचएस तथा चिरंजीवी योजना को जिले के बंद करने का फैसला लिया है।

Google source verification

टोंक. राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में पन्द्रहवें दिन भी जिलेभर में प्राईवेट हॉस्पिटल की हड़ताल जारी रही। सरकार की और से बिल को वापस नही लेने पर निजी अस्पताल संचालकों ने राज्य सरकार की आरजीएचएस तथा चिरंजीवी योजना को जिले के बंद करने का फैसला लिया है।

इस मामले को लेकर नोटिस तथा सभी निजी चिकित्सालयों की हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र शनिवार को जिला कलक्टर व सीएमएचओं को लिखित में पत्र सौंप कर दी है। आईएमए व प्राईवेट अस्पताल यूनियन के बैनर तले सौंपे पत्र में बताया कि राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में आज से ही निजी अस्पतालों ने आरजीएचएस तथा चिरंजीवी योजना से अपने अपने चिकित्सालय को अलग कर लिया है।

आईएमए टोंक के प्रवक्ता डॉ राजीव बंसल ने बताया कि भविष्य में कोई भी निजी चिकित्सालय इन योजनाओं के अंतर्गत काम नहीं करेगा। सभी रोगियों का उपचार अस्पताल की और से निर्धारित फीस के नकद भुगतान पर ही किया जाएगा। सरकार चाहे तो इस खर्चे का पुनर्भुगतान मरीज के खाते में कर सकती है।

आईएमए टोंक के सचिव डॉ राजेश मालपानी ने बताया कि सरकार की और से यह बिल असंवैधानिक है तथा जनता को गुमराह करने व आगामी चुनावों में वोट बटोरने की नीयत से इसे पारित किया गया है। इस कानून को सरकार की और से वापस लिए जाने तक चिकित्सकों का यह आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार की और से हाल ही में पारित इस राइट टू हेल्थ बिल का पूरे राज्य के चिकित्सक पिछले दो सप्ताहों से पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस अवसर पर डॉ गौरव व्यास, डॉ राजेश जैन, डॉ विमल जैन डॉण् मनोज शर्मा, डॉ राकेश जैन, डॉ हरिशंकर पारीक, डॉ राजेन्द्र मीणा, डॉ केके सिंघल, डॉ हरेंद्र व डॉ पारस उपस्थित रहे।

-पत्र को उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसएस अग्रवाल ने बताया कि निजी अस्पताल संचालकों की और से आरजीएचएस तथा चिरंजीवी योजना में इलाज नही करने को लेकर आईएमए व प्राईवेट अस्पताल यूनियन की और से पत्र सौंपा है। पत्र को उच्चाधिकारियों के ध्यानार्थ प्रेषित किया है। उन्होने बताया कि जिले में 46 निजी अस्पताल है। जिनमें से 19 सरकार की आरजीएचएस तथा चिरंजीवी योजना में शामिल है।