
वनस्थली विद्यापीठ में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, आरक्षण से महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पास हुआ है। इससे उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी। बिरला मंगलवार को वनस्थली विद्यापीठ के 88 वां दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि बतौर सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में सामाजिक कुरीतियों को मिटाने व बदलाव में सदैव ही महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विद्यापीठ के निदेशक डॉ.अंशुमान शास्त्री से कहा कि वे वनस्थली के आस-पास के गांवों में कम पीढ़ी लीखी महिलाओं को पढ़ाने का भार अपने कंधों में पर उठाए। ताकि महिलाएं आगे बढ़ सके। बिरला यहां युवा संसद की कार्रवाई देखकर अभिभूत हो गए और उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि यहां की युवा संसद लोकसभा सी लगी।
सडक़ मार्ग से वनस्थली विद्यापीठ पहुंचे
ओम बिरला दोपहर एक बजे सडक़ मार्ग से वनस्थली विद्यापीठ पहुंचे। वनस्थली स्वागत द्वार पर विद्यापीठ अध्यक्ष प्रो.सिद्धार्थ शास्त्री, उपाध्यक्ष प्रो.ज्योति पारीक, कुलपति प्रो.ईना आदित्य शास्त्री, वनस्थली सेन्टर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के निदेशक डॉ.अंशुमान शास्त्री एवं कोषाध्यक्ष प्रो. सुधा शास्त्री ने स्वागत किया।
सूत की माला पहनाकर स्वागत गान से अभिनन्दन किया
इसके बाद वनस्थली सेवा दल के बैण्ड की ओर से राष्ट्रीय सलामी देकर छात्राओं ने लोकसभा अध्यक्ष के तिलक लगाकर एवं सूत की माला पहनाकर स्वागत गान से अभिनन्दन किया। लोकसभा अध्यक्ष वनस्थली विद्यापीठ की मूल प्रेरणा शक्ति स्थल श्रीशांताबाई शिक्षा कुटीर गए, जहां कुलपति प्रो.ईना आदित्य शास्त्री ने उक्त स्थान के महत्व के बारे अवगत कराया। पुलिस जवानों ने लोकसभा अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दी।
परिवार से चाय के साथ चर्चा की
बिरला ने विद्यापीठ के संस्थापक व राजस्थान प्रथम मुख्यमंत्री हीरालाल शास्त्री एवं पद्मभूषण रतन शास्त्री के मूल निवास गांधी घर पर विद्यापीठ परिवार से चाय के साथ चर्चा की। इसके बाद परेड मैदान में झंडारोहण कर मार्चपास्ट का निरीक्षण किया तथा परेड की सलामी ली।
छात्राओं की घुडसवारी देखी
वीरबाला मैदान पर लोकसभा अध्यक्ष ने छात्राओं की घुडसवारी देखी। जहां एक छात्रा द्वारा एक साथ पांच घोडों दौडने पर सभी घुडसवार छात्राओं की बिरला ने सराहना कर उनके साथ फोटो ङ्क्षखचवाई। सुर मंदिर में बिरला ने छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम को देखकर अभिभूत हुए। मुख्य समारोह राष्ट्रगान, मंगलाचरण एवं वनस्थली गीतिका के साथ शुरू हुआ। विद्यापीठ की कुलपति प्रो. ईनाआदित्य शास्त्री ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया।
कुलपति ने वनस्थली विद्यापीठ का परिचय देते हुए कहा कि वनस्थली की सादगीपूर्ण, विनम्रता व शीलता की विचारधारा भारतीय राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीयता के दो स्तंभों पर खड़ी है। वनस्थली विद्यापीठ एक पिता के ²ढ़ संकल्प का परिणाम है कि प्रत्येक छात्रा को उसी रूप में शिक्षा देंगे जैसे वे अपनी असामयिक खोई पुत्री को देते।
Published on:
20 Feb 2024 09:50 pm
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