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नवाचार: किसानों के लिए एप्पल बेर खेती बनी वरदान, जीवन में भर रही ‘मिठास’

किसानों का अब पारंपरिक खेती छोडकर बागवानी खेती की ओर भी रुझान बढ़ रहा है। किसान बजरंग लाल जांगिड़ ने बागवानी में नवाचार अपनाकर एप्पल बेर की खेती कर लगभग 250 पौधा का बाग तैयार किया है।  

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नवाचार: किसानों के लिए एप्पल बेर खेती बनी वरदान, जीवन में भर रही ‘मिठास’

नवाचार: किसानों के लिए एप्पल बेर खेती बनी वरदान, जीवन में भर रही ‘मिठास’

कस्बे के किसानों का अब पारंपरिक खेती छोडकर बागवानी खेती की ओर भी रुझान बढ़ रहा है। इसी क्रम में सूरसागर अम्बापुरा गांव निवासी किसान बजरंग लाल जांगिड़ ने बागवानी में नवाचार अपनाकर एप्पल बेर की खेती कर लगभग 250 पौधा का बाग तैयार किया है। बेरी की खेती को लेकर आस-पास के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए हुए है।

वह वर्ष 2008 में कृषि अर्थशास्त्र प्रसार एवं प्रशिक्षण विभाग केंद्रीय शुष्क अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर गए थे। जहां पर 8 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बेर की खेती करने के तरीके के जानकारी ली। इसके बाद गांव में बेर की खेती करनी शुरू की। खास बात यह है कि यहां के मीठे बेर के फल जयपुर, अजमेर व किशनगढ़ के साथ पचेवर में बिक्री किए जाते है। अब बागवानी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे है।

विभिन्न किस्म के लगाए पौधे:

किसान ने वर्ष 2010 में अपने पैतृक गांव की दो बीघा जमीन में बेर के 35 पौधे लगाकर बागवानी खेती शुरू कर दी। इसमें बेर की किस्म के गोला,थाइ ऐपल, उमरान व सेव के पौधे लगाए। इसके बाद बेर की खेती में फायदा होने पर तीन बीघा जमीन में बेर की विभिन्न किस्म के करीब 250 पौधे लगा दिए।

इससे पहले गेहूं की खेती करते थे। गेहूं की खेती में लागत अधिक और मुनाफा कम मिलता था। अब बेर की खेती करके हर साल करीब दो लाख रुपए की आमदनी ले रहे है। बेर अच्छी किस्म व मीठे होने के कारण लोग बाग में भी लेने आ जाते है।

किसानों को दे रहे प्रशिक्षण:

किसान बजरंग लाल जांगिड़ एप्पल बेर की खेती करने के साथ पौधे लगाने की विधि भी अच्छे तरीके से जानते है। अब किसानों को बेर की खेती संबन्धित जानकारी देकर कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए बता रहे है।

बेर की खेती करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है। खेती में किए गए नवाचार को देखकर आस-पास के किसान भी प्रेरित होते नजर आ रहे है। इससे क्षेत्र के कई किसानों में बागवानी खेती करने की मानो होड़ सी लग गई है।

जनवरी में लगते है पौधे के फल

किसान बजरंग लाल बताते है कि बेर के फल जनवरी महीने में लगने शुरू हो जाते है। बेर के फल मार्च के महीने तक बेचे जाते है। सेब बेर के एक पेड़ के औसत 80 किलो फल लगते है। उमरान बेरी की उपज औसत पैदावार 200 किलो प्रति पेड़ होती है। बेर की खेती क्षारीय तथा लवणीय भूमि में भी कर सकते है।

बेर के पौधो में पानी की कम आवश्यकता होती है। बेर का प्रत्येक पौधा बीस फिट की दूरी पर लगाया गया है। इससे बेर का पौधा अच्छे तरीके से फैलाव ले सकता है। बेर की खेती में •ा्यादातर जैविक खाद का उपयोग किया जाता है। बेर में सबसे हानिकारक फल मक्खी किट (लट) के लगने से नुकसान होने का डर रहता है।