5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अलग से नही है काउण्टर की सुविधा, अस्पताल में कतार बढ़ा रही बुजुर्गों की पीड़ा

पेंशनधारियों का कहना है कि बुजुर्गों को पर्ची उपलब्ध कराने के लिए अलग से काउण्टर की व्यवस्था की जानी चाहिए।  

2 min read
Google source verification
 सआदत अस्पताल

टोंक. सआदत अस्पताल में उपचार कराने आ रहे बुजुर्गों का परामर्श से पूर्व पर्ची लेना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जबकि अस्पताल में पर्चियोंं के लिए पांच काउण्टर बनाए हुए हंै।

टोंक. सआदत अस्पताल में उपचार कराने आ रहे बुजुर्गों का परामर्श से पूर्व पर्ची लेना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जबकि अस्पताल में पर्चियोंं के लिए पांच काउण्टर बनाए हुए हंै। इसके बावजूद दो काउण्टर ही चालू रहने व वरिष्ठ नागरिकों के लिए पृथक से काउण्टर की व्यवस्था नहीं होने से पर्ची लेने के लिए भी बुजुर्गों को कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। पेंशनधारियों का कहना है कि बुजुर्गों को पर्ची उपलब्ध कराने के लिए अलग से काउण्टर की व्यवस्था की जानी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से परामर्श पर्ची के लिए पांच काउण्टरों की व्यवस्था की हुई है। इनमें इन्डोर, आउटडोर, बीपीएल, वरिष्ठ नागरिक, आपातकाल आदि के लिए अलग-अलग काउण्टरों की व्यवस्था शामिल है।इसके बावजूद इन्डोर व आउटडोर पर्ची के लिए महज एक-एक ही काउण्टर खुला रहता है। इनमें भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से काउण्टर की सुविधा नहीं होने से उन्हें देर तक कतार में खड़े रहना पड़ रहा है।


परामर्श से पहले मशक्कत
सआदत अस्पताल में पृथक से पर्ची काउण्टर की व्यवस्था नहीं होने से अस्पताल आए मरीज परेशान है। सेवानिवृत्त आयुर्वेद अधिकारी राधेश्याम शर्मा, बृजबिहारी शर्मा, हनुमानसिंह सोलंकी, कजोड़मल विजय आदि वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि परामर्श व उपचार से पहले पर्ची पाने के लिए मशक्कत व कहासुनी से रूबरू होना पड़ रहा है।

दिख नहीं रहे सुरक्षा गार्ड
सआदत अस्पताल में सुरक्षा गार्डों के बहाने बढ़ाया गया शुल्क तो वसूला जा रहा है, जबकि अस्पताल प्रबन्धन ने सुरक्षा गार्ड कुछ दिन रखकर ही हटा दिए। इससे मरीजों में नाराजगी है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल प्रबन्धन ने सुरक्षा गार्ड लगाने को लेकर एक नवम्बर वर्ष 2016 से भर्ती व परामर्श के लिए मिलने वाली पर्ची शुल्क में बढ़ोतरी की थी।

इसके तहत आउटडोर पर्ची के 5 के स्थान पर 10 व इण्डोर पर्ची के 15 से बढ़ाकर 30 रुपए किए थे। अस्पताल प्रशासन ने इसके पीछे यह कारण गिनाया था कि सुरक्षा गार्ड को दिए जाने वाले वेतन को लेकर भर्ती व परामर्श आदि को लेकर पर्ची शुल्क दुगना किया गया है।

हालांकि कुछ दिनों सुरक्षा गार्डों की सेवाएं भी ली जाने लगी। कुछ दिन बाद ही अस्पताल प्रबन्धन ने यह कहते हुए सुरक्षा गार्डों की सेवाएं समाप्त कर दी कि इनके लगाने से भी वार्डों में परिजनों का जमावड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा था।

सआदत अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से परामर्श पर्ची काउण्टर की व्यवस्था फिलहाल नहीं है। जल्द ही यह सुविधा मिलने लगेगी।
जे. पी. सालोदिया, प्रमुख चिकित्साधिकारी, सआदत अस्पताल टोंक।