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पोर्टल से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर किसान कही भी बेच सकेगा उत्पाद

देवली. राष्ट्रीय कृषि बाजार (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) की क्रियान्विति को लेकर रविवार को कृषि मण्डी सचिव क्रान्ति कुमार मीणा ने व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान राष्ट्रीय बाजार को लेकर व्यापारियों को विजुअल के माध्यम से जानकारी दी गई।

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देवली रविवार को राष्ट्रीय कृषि बाजार को लेकर व्यापारियों का प्रशिक्षण देते मण्डी सचिव।

देवली. राष्ट्रीय कृषि बाजार (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) की क्रियान्विति को लेकर रविवार को कृषि मण्डी सचिव क्रान्ति कुमार मीणा ने व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान राष्ट्रीय बाजार को लेकर व्यापारियों को विजुअल के माध्यम से जानकारी दी गई।

इस दौरान मण्डी सचिव व नाम के डाटा विश्लेषक लीलधर कुमावत ने व्यापारियों को बताया कि यह एक राष्ट्रीय स्तर का इलेक्ट्रिॉनिक पोर्टल है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न प्रदेशों में स्थित कृषि उपज मण्डी को एकीकृत करना है। नाम से जुड़कर किसान उपज मण्डी के राष्ट्रीय स्तर से जुड़ जाएगा।

उन्होंने व्यापारियों को बताया कि एक मण्डी से दूसरी मण्डी में अथवा अन्य प्रदेश में कृषि उत्पाद ले जाने पर कई प्रकार के प्रतिबंध होते हैं, लेकिन इससे जुडऩे के बाद किसान अपने उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी प्रदेश व स्थान पर बेच सकेगा।

इस प्रक्रिया के जरिए किसान अपने उत्पाद को स्वतंत्रता के साथ बेहतर भाव में बेच सकेगा। वहीं राष्ट्रीय कृषि बाजार का लक्ष्य पूरे देश को एक मण्डी के रूप में बदलना है। इस दौरान विजुअल के माध्यम से व्यापारियों को गेट पास, उत्पाद बेचने व भुगतान आदि की प्रक्रिया से अवगत कराया।

वहीं प्रशिक्षण में शामिल व्यापारियों ने माल की सुरक्षा व भुगतान प्रणाली की सुरक्षा को लेकर प्रश्न किए। इसके अलावा प्रणाली के तहत सीधे किसानों को उनके अकाउण्ट में भुगतान किए जाने पर व्यापारियों की भूमिका से सम्बधित प्रश्न पूछे। मण्डी सचिव क्रान्ति कुमार मीणा ने बताया कि ऑनलाइन बाजार की प्रक्रिया अप्रेल से शुरू कर दी जाएगी।

इसके लेकर अब तक 12 किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। वहीं व्यापारियों की रजिस्टे्रशन प्रक्रिया जारी है।

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