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निवाई कृषि मंडी में सरसों वाहनों का लगा जमावड़ा, तुलाई के लिए बढ़ाए कांटे

केन्द्र सरकार के नेफेड के लिए राजफैड द्वारा क्रय विक्रय सहकारी समिति के जरिए अभी तक किसानों की समर्थन मूल्य पर खरीद केन्द्र शुरू नहीं किए गए है। किसानों को मजबूर होकर कृषि मंडी में सरसों बेचनी पड़ रही है।  

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निवाई कृषि मंडी में सरसों वाहनों का लगा जमावड़ा, तुलाई के लिए बढ़ाए कांटे

निवाई कृषि मंडी में सरसों वाहनों का लगा जमावड़ा, तुलाई के लिए बढ़ाए कांटे

सरकारी खरीद केन्द्र पर इस वर्ष सरसों के दाम 5600 रुपए प्रति क्विंटल तय किए गए है। जबकि कृषि मंडी में सरसों 5000 रुपए तक बिकी है। कृषि मंडी में सरसों का मूल्य कम होने से किसानों को फटका लग रहा है। प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में अपनी अलग पहचान रखने वाली कृषि उपज मंडी समिति निवाई जिले सहित आसपास के जिलों के किसानों की सरसों की उपज का प्रमुख खरीद केंद्र बन गई है। इससे लगातार कृषि मंडी टैक्स में इजाफा हो रहा है।

सरसों के सीजन में पिछले दस वर्षों की अपेक्षा इस बार सरसों की बंपर आवक शुरू हो गई है। सरसों के सीजन में कृषि मंडी में किसानों, व्यापारी, तेल मिल मालिक सक्रिय और व्यस्त नजर आ रहे है। कृषि उपज मंडी में चारों ओर वाहनों का जमावड़ा होने से कहीं भी खाली जगह नजर नहीं आ रही है। सरसों की बंपर आवक से कृषि उपज मंडी के तुलाई प्लेटफार्म, सडक़ सहित सभी जगह सरसों के ढ़ेर तथा कट्टे रखे हुए दिखाई दे रहे है।

कृषि मंडी पड़ी छोटी

मंडी में चारों ओर सरसों के ढेर और कट्टे ही दिखाई दे रहे है। बंपर आवक से परिसर छोटा नजर आ रहा है। कृषि मंडी के सभी ब्लॉकों की सडक़ें और प्लेटफार्म सरसों से भरे पड़े है। इस बार आस पास के इलाकों में सरसों की बंपर पैदावार होती दिखाई दे रही है।किसानों की सरसों की बोली के बाद तुलाई के लिए तेल मालिक, आढ़तिए तथा मंडी व्यापारी एक कांटे की जगह पांच-पांच कांटे लगाकर सरसों तुलाई कार्य में जुटे है। तुलाई होते ही तेल मिल मालिक हजारों कट्टों को विभिन्न वाहनों से गोदामों में पहुंचा रहे है।

खेतों से सीधे मंडी आ रही है सरसों

किसान खेत से ही सरसों को सीधे कृषि मंडी लेकर आ रहे है। पिछले वर्ष किसानों ने सरसों के बढ़ते दामों के चलते टुकड़ों में सरसों बेची थी। ऊंचे भावों की उम्मीद में सरसों का स्टॉक किया गया था। लेकिन इस बार सरसों के भाव भी अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार एक से डेढ हजार रुपए कम है। जिससे किसान खेतों से मंडी लेकर आ रहे है।

दिनभर रही जाम की स्थिति

कृषि मंडी में किसानों के विभिन्न प्रकार के वाहनों का जमावड़ा मेले जैसा लग रहा है जिससे कृषि मंडी में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। विभिन्न प्रकार के हजारों वाहनों के चलते कृषि उपज मंडी समिति में पैदल निकलना भी बहुत मुश्किल हो गया है। चारों ओर वाहन फंसे हुए हैं। इससे किसान और व्यापारी खासे परेशान हैं लेकिन सही व्यवस्था नहीं है।

किसानों के लिए है व्यवस्था

कृषि मंडी सचिव डॉ.कमल किशोर सोनी ने बताया कि वर्तमान में कृषि मंडी में करीब 75 हजार सरसों के कट्टों आवक हो रही है। तथा एक दो दिन में आवक और अधिक बढऩे के आसार हैं।

मंडी शुल्क का विवरण

वर्ष 2016-17 में 482 लाख रुपए प्राप्त हुए।
वर्ष 2017-18 में 535 लाख रुपए प्राप्त हुए।
वर्ष 2018-19 में 418 लाख रुपए प्राप्त हुए।
वर्ष 2019-20 में 532 लाख रुपए प्राप्त हुए।
वर्ष 2020-21 में 598 लाख रुपए प्राप्त हुए।
वर्ष 2021-22 में फरवरी तक 695 लाख रुपए प्राप्त हुए।
वर्ष 2022-23 के फरवरी माह तक 740 लाख रुपए टैक्स प्राप्त हुआ है। जिसमें से 240 रूपए छूट के दिए गए हैं।
वर्ष 2023-24 के फरवरी माह तक 760 लाख रुपये टैक्स प्राप्त हुआ है। जिसमें से 277 रुपए छूट के दिए गए हैं।

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