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बवंडर के बीच मचा कोहराम: मदद को चीखते-पुकारते रहे, जिले में 12 जनों की हुई मौत

छत बची ना घर, रातभर खुले आसमान तले गुजारी रात, करोड़ों का टोंक. जिले में गुरुवार रात आए तूफान ने करीब तीन सौ परिवारों को प्रभावित किया है। तूफान के बवंडर से जिले में 12 जनों की मौत हो गई। वहीं कई मकानों की छत तूफान में उड़ गई। जिले में अधिकतर निर्माणाधीन मकानों की दीवारें गिर गई। टीनशेड़ और सोलर प्लेट छत पर टिक नहीं पाई। ऐसे में कई परिवारों के सिर से छत और घर छिन गए। अब उन्हें नए सिरे से निर्माण कराना होग

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Jalaluddin Khan

May 26, 2023

बवंडर के बीच मचा कोहराम: मदद को चीखते-पुकारते रहे, जिले में 12 जनों की हुई मौत

छत बची ना घर, रातभर खुले आसमान तले गुजारी रात, करोड़ों का

टोंक. जिले में गुरुवार रात आए तूफान ने करीब तीन सौ परिवारों को प्रभावित किया है। तूफान के बवंडर से जिले में 12 जनों की मौत हो गई। वहीं कई मकानों की छत तूफान में उड़ गई। जिले में अधिकतर निर्माणाधीन मकानों की दीवारें गिर गई। टीनशेड़ और सोलर प्लेट छत पर टिक नहीं पाई। ऐसे में कई परिवारों के सिर से छत और घर छिन गए। अब उन्हें नए सिरे से निर्माण कराना होग

टीनशेड़ और सोलर प्लेट छत पर टिक नहीं पाई। ऐसे में कई परिवारों के सिर से छत और घर छिन गए। अब उन्हें नए सिरे से निर्माण कराना होगा। शहर के गली-मोहल्लों व सडक़ों पर सुबह का मंजर तबाही बयान कर रहे थे। सडक़ पर गिरे पेड़ और बिजली के खम्बे व ट्रांसफॉर्मर ही थे।

ऐसी कोई गली नहीं थी जहां कुछ ना कुछ गिरा नहीं हो। किसी गली में मकान का मलबा तो किसी में पेड़ गिरे हुए थे। बिजली के तार-तार जगह टूट चुके थे। गुरुवार रात 11 बजे से गुल हुई बिजली शुक्रवार दोपहर तक बहाल हो पाई। रात को हर गली मोहल्ले से चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।


बवंडर ने जमकर नुकसान पहुंचाया। घर के बाहर लगे कूलर तक हवा के साथ उड़ गए। आटो रिक्शा तो हवा के साथ ही गिर गए। कई वाहन तो पेड़, बिजली के खम्भे और टीन शेड की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।

रोने की आवाज सुनकर दौड़े लोग
रात को तूफान आया तो लोग सम्भल नहीं पाए। पहले स्वयं को बचाने के लिए कमरे या किसी सुरक्षित स्थान की ओर दौड़े। लेकिन जब घर ही बिखरने लगा तो परिवार के महिला व बच्चों की रोने की आवाजें शुरू हो गई। छोटे बच्चे इतने सहम गए कि तूफान खत्म होने के बाद भी उनका भय खत्म नहीं हुआ। जरा सी हवा चलने पर भी वे डर रहे थे।


दुख की लहर दौड़ गई
धन्नातलाई क्षेत्र में तूफान से टीन शेड पर दीवार गिरने पर पोता-पोती व दादा की मौत हो गई। तीन जनों की मौत से इलाके में दुख की लहर दौड़ गई। मृतकों में दादा ईशाक (55) पुत्र इमामुद्दीन, उसकी पुत्री इनायत (2) व उसका भाई अयान (6) पुत्र अंसार शामिल है।


इनके मकान पास मदरसे की दीवार है। ये दीवार टीन शेड पर गिर गई। टीन शेड के नीचे सो रहे तीनों की मौत हो गई। जबकि हादसे में अंसार (35) पुत्र इशाक, मुन्ना (20) पुत्र इशाक, फतेह (33) पुत्र इशाक, रेशमा (22) पत्नी अंसार, रेशमा (30) पत्नी फतेह व बालिका आयत (5) हो गई।

संतोष नगर में दीवार ढही, सात घायल
संतोष नगर में तूफान के दौरान दीवार ढहने से सात जने घायल हो गए। इनमें लालचंद (50), गिरीश (15), हेमलता (16), छोटू (40), लक्ष्मी (7), कांता (35) व राकेश (13) घायल हो गए। इनमें से लालचंद एवं गिरीश नैनवां से अपने रिश्तेदार छोटू के यहां आए थे। रात को यहीं रुक गए। इस बीच हादसा हो गया।