सेटलमेंट कर दिया जाए मुआवजा

पायलट से मिले डूब क्षेत्र किसान
टोंक. बनेठा के समीप निर्माणाधीन ईसरदा बांध डूब क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने गुरुवार को जयपुर पहुंच कर पूर्व उपमुख्यमंत्री व टोंक विधायक सचिन पायलट से मुलाकात की।

By: jalaluddin khan

Published: 23 Sep 2021, 07:51 PM IST

सेटलमेंट कर दिया जाए मुआवजा
पायलट से मिले डूब क्षेत्र किसान
टोंक. बनेठा के समीप निर्माणाधीन ईसरदा बांध डूब क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने गुरुवार को जयपुर पहुंच कर पूर्व उपमुख्यमंत्री व टोंक विधायक सचिन पायलट से मुलाकात की।

सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज गुर्जर के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि उनकी जमीन ईसरदा बांध निर्माण के डूब क्षेत्र में आ रही है। किसानों का कहना है कि बांध परिजना की ओर से किसानों को जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह उचित नहीं है।


परियोजना तीन से चार दशक पहले हुए सेटमेंट के आधार पर कर रही है। जबकि इस लम्बी अवधि में जमीन का रूपातंरण हो चुका है। ऐसे में परियोजना को चाहिए था कि वह मुआवजा देने से पहले उक्त डूब क्षेत्र की जमीन का सेटलमेंट कराती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा।


किसानों का कहना है कि चार दशक पहले जब सेटलमेंट हुआ था, तक नाम मात्र जमीन ही सिंचित थी और अधिकतर जमीन बारानी थी, लेकिन अब अधिकतर जमीन बारानी नहीं रहकर सिंचित हो गई है। जबकि किसान पिछले कई सालों से राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक भूमि को सिंचित कर रहे हैं।

यह सरकार के खसरा गिरदावरी में भी अंकित है। इसके बावजूद परियोजना की ओर से किसानों को जमीन का मुआवजा बारानी के हिसाब से कर रहे हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने खसरा गिरदावरी को आधार मानते हुए मुआवजा तय करने, वर्तमान डीएलसी दर अनुसार मुआवजा निर्धारण तथा किसानों को बीसलपुर बांध के अवाप्ति नियमानुसार जमीन देने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में टोंक प्रधान सुनीता गुर्जर, कालूराम मीणा, गिर्राज, मुकेश बैरवा, रामदयाल जाट, फौजूराम मीणा, रामजस, कैलाश आदि किसान शामिल थे।

लापरवाही से जान जोखिम में
टोंक. विभिन्न मांग को लेकर राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोशिएसन की ओर से जिला कलक्टर और निगम के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा।


जिलाध्यक्ष विनोद नायक के नेतृत्व में सौंप गए ज्ञापन में बताया कि निगम ने ठेका फर्मों की ओर से संचालन अप्रशिक्षित नान आइटीआइ लोगों द्वारा किया जा रहा है।

फर्म द्वारा अप्रशिक्षित कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है। यह कर्मचारी दिनरात काम कर रहे हैं। यह श्रम नियमों के खिलाफ है। साथ ही कर्मचारियों की जान भी जोखिम में है। अधिकतर ग्रिड सबस्टेशनों पर तो ठेका कर्मी स्थानीय होने के कारण रहते ही नहीं है।

इससे फील्ड में फिल्डरों पर काम करने वाले लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों के साथ दुर्घटना घटित होने का अंदेशा रहता है। गत 4 सितम्बर को सहायक अभियंता दूनी के अधीनस्थ जूनिया सब स्टेशन पर ठेका कर्मी से फिल्ड में कार्यरत लाइनमैन ने सरोली फीडर का शट-डाउन मांगा, लेकिन ठेका कर्मी ग्रिड सबस्टेशन पर मौजूद नहीं था। फोन पर गांव वाले से कहकर लाइन बंद करवा दी।

गांव वाले ने सरोली फीडर का शट-डाउन ना करते हुए अन्य फीडर का शट-डाउन कर दिया। ऐसे में यह घटना कर्मचारी की सर्तकता की वजह से टल गई, नहीं तो कर्मचारी की जान जोखिम में आ सकती थी। ऐसी स्थिति जिले के प्रत्येक सबस्टेशनों पर है। इससे कर्मचारीयों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने ग्रिड सबस्टेशनों पर अनियमितताओं, अव्यवस्थाओं, लापरवाही में सुधार करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

jalaluddin khan Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned