टोंक. शहर में बुधवार को जलझूलनी एकादशी का पर्व मनाया गया। इस दौरान मेले का आयोजन भी हुआ। शाम को शहर के विभिन्न समाज और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के बाद डोल यात्रा (बेवाण) निकाले गए।
डोल यात्रा के दौरान मेले का आकर्षक का केन्द्र लाल बत्ती लगा काला बाबा कल्याणरायजी का डोला (कोतवाल) आकर्षक का केन्द्र रहा। डोल यात्राएं अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए शाम को चतुर्भुज तालाब स्थित घाट पर पहुंची, जहां पर डोले में विराजमान ठाकुरजी को जल विहार कराने के बाद महाआरती कर प्रसादी के बाद श्रद्धालु व्रत-उपवास आदि खोले।
बनेठा. उपतहसील मुख्यालय पर पूजा अर्चना के साथ श्री कल्याण सहित सभी मंदिरो के ठाकुरजी को तालाब में जाकर जल विहार कराया गया।इसके बाद पूजा अर्चना करके भगवान की आरती उतारी गई।
नटवाड़ा. पराना में जलझूलनी एकादशी मनाया गया। श्री चारभुजा नाथ मंदिर के पुजारी रामकिशन पाराशर ने बताया कि विमानों को सजाकर गणेश सरोवर पर ले जाया गया। कस्बे स्थित रघुनाथ मंदिर, चारभुजा मंदिर, ठाकुरजी का मंदिर आदि में भी भगवान को विमान में बैठाकर सरोवर पर ले जाया गया।
पारली. आखतडी़ गांव में बुधवार को भगवान रघुनाथ और चारभुजा नाथ के झूले मंदिर लाए गए। चार दशक पुरानी परंपरा का निर्वाह करते हुए ग्रामवासी ठाकुरजी को मंदिर लेकर आए। इससे पूर्व जलझूलनी एकादशी को मंगलवार की शाम मेन मार्केट स्थित रघुनाथ जी मंदिर व पारीक मोहल्ले में स्थित चारभुजा नाथ मंदिर से ढोल यात्रा पवित्र तालाब की पाल पर लाई गई थी।(ए.स.)
निवाई. जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर बुधवार को शहर के विभिन्न मंदिरों के आराध्य देवों की डोल यात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। इससे पूर्व भगवान का पंचामृत से अभिषेक कर विशेष पोशाक पहनाकर डोल में विराजमान किया गया। और डोल में झांकी सजाई गई। इसके बाद बैंडबाजों के साथ चारभुजानाथ मंदिर, गोङ्क्षवद मंदिर, भट्टजी मंदिर, जगतशिरोमणि मंदिर, बडी का मंदिर, नृङ्क्षसह मंदिर, रघुनाथ मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों से भगवान की डोल यात्रा निकाली गई।(ए.सं.)
इधर, उपखंड क्षेत्र के गांव झिलाय में जलझूलनी एकादशी पर भगवान को डोलों में बैठाकर धूमधाम से गांव की परिक्रमा करवाई गई। तथा बड़े तालाब में भगवान को जल विहार भी करवाया। गांव के मंदिरों से बैण्ड़-बाजों के साथ नाचते गाते ठाकुरजी की भव्य डोलयात्रा निकाली गई। (ए.सं.)
राजमहल. कस्बे बाबा रामदेव मंदिर पर बुधवार को बाबा रामदेव की डोल यात्रा निकाली गई। डोल यात्रा की शुरुआत जयकारों के साथ बाबा रामदेव मंदिर से की गई, जो मेघवाल मोहल्ले से होकर बनास नदी में गई। जहां आरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया। वही बाबा रामदेव को नौका विहार करवाया गया। इसके बाद डोल यात्रा इंदिरा आवास कोलोनी व रैगर मौहल्ले से बाबा रामदेव मंदिर पहुंची।