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अतिवृष्टि से खराब फसलों का पूर्व कृषि मंत्री सैनी ने लिया जायजा, फसल खराबे के मुआवजे की उठी मांग

पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभु लाल सैनी ने आवां सहित आसपास के खेतों में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों की जायजा लिया।

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अतिवृष्टि से खराब फसलों का पूर्व कृषि मंत्री सैनी ने लिया जायजा, फसल खराबे के मुआवजे की उठी मांग

अतिवृष्टि से खराब फसलों का पूर्व कृषि मंत्री सैनी ने लिया जायजा, फसल खराबे के मुआवजे की उठी मांग

आवां.पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभु लाल सैनी ने आवां सहित आसपास के खेतों में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों की जायजा ले किानों से चर्चा की। किसानों ने सैनी को बताया कि इस साल किसानों की फसल अच्छी हुई है, लेकिन अधिक बरसात के चलते फसलें नष्ट हो गई। इससे किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान हुआ है। क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण मक्का, बाजरा, मूंगफली सहित खरीफ की सभी फसलें चौपट हो गई है।

मजबूरन उन्हें बिना दानें की फसल ही काटनी पड़ रही है। रामदेव मीना, पंकज गोखरू, शिवराज साहु,रामप्रसाद मीना, रामप्रकाश सैनी आदि ने बताया कि सरकार की ओर से अभी खराबे का आंकलन भी नहीं किए जाने से किसानों की चिन्ताएं बढ़ी है। किसानों कहा कि हर वर्ष बीमा कम्पनी किसानों से प्रिमीयम राशि वसूलती है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को खराब फसल का मुआवजा नहीं मिला।

दूनी तहसील के जगन्नाथपुरा मालीपुरा गांव के सत्यनारायण, हरिनारायण, भंवरलाल, रतनलाल आदि ने बताया कि जगन्नाथपुरा पटवार क्षेत्र में मालीपुरा, संग्रामपुरा, गोवर्धनपुरा, सारंगपुरा, जालिमगंज व मुचकंदपुरा गांव आते हैं। इन गांवों में बोईगई उड़द, मूंग, मंूगफली, ज्वार, बाजरा, तिल आदि की फसलें गत दिनों हुईअधिक बरसात के चलते नष्ट हो गई। ऐसे में किसान चिंतित हैं। इसके चलते उन्होंने गिरदावरी करा किसानों को नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है।


भारतीय किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन
देवली. अतिवृष्टि से नष्ट हुई खरीफ की फसल की एवज में मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रधानमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि किसानों को पूरी जानकारी नहीं होने, बीमा कम्पनी द्वारा किसानों को गुमराह करने, सर्वे नहीं कराने से बीमा योजना का किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है।

जबकि फसल बीमा के तहत बैंक किसानों की प्रिमीयम राशि काटता है। ज्ञापन में टोंक सहित प्रदेश के अतिवृष्टि से प्रभावित वाले जिलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई, ताकि प्रदेश के किसान आर्थिक नुकसान से उबर सके। ज्ञापन देने में अध्यक्ष देवलाल धाकड़, मुकेश, सुनील मीणा, मोहित, मनीष, रामराज पटेल सहित ग्रामीण थे।


गोष्ठी में हुआ वैचारिक मंथन
आवां. परम्परागत खेती के साथ कृषि में नवाचार अपना कर किसान समृद्ध और खुशहाल हो सकता है। आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी फसलें वरदान साबित हो सकती हैं। यह बात पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभु लाल सैनी ने आवां में बुधवार देर शाम जैतून पर रखी गई गोष्ठी में किसानो और कार्यकर्ताओं के बीच कही।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सैनी ने कहा कि अच्छी प्रकार फलीबूत होने की क्षमता रखने के कारण जैतून की खेती राजस्थान और टोंक जिले मे भी आकर्षण का केन्द्र बनने लगी है। राज्य मे जैतून और खजूर की खेती के अच्छे और सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, हालांकि इस पर निरन्तर शोध और खोज की जरूरत है।

इस दौरान सरपंच राधेश्याम चन्देल, पे्रम शंकर सोमानी, राधेश्याम टेलर, जगदीश प्रसाद ,कृष्ण गोपाल जांगिड़ और बाबू लाल चन्देल ने भी विचार व्यक्त किए। पूर्व मंत्री सैनी के जन्म दिवस के उपलक्ष में पौधारोपण सहित कई सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत कार्यक्रम रखे गए।