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गाजे-बाजे के साथ घास भैंरू की सवारी निकाली

शहर में गाजे-बाजे के साथ घास भैंरू की सवारी निकाली गई। पुरानी टोंक स्थित काला बाबा नृङ्क्षसह चौक से दोपहर बाद पूजा-अर्चना के बाद ट्रैक्टर से घास भैंरू की सवारी रवाना हुई। सवारी के दौरान श्रद्धालु घास भैंरू के जयकारे लगात हुए चल रहे थे तो महिलाएं भी नाचती गाती चल रह थी।  

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गाजे-बाजे के साथ घास भैंरू की सवारी निकाली

गाजे-बाजे के साथ घास भैंरू की सवारी निकाली

टोंक. शहर में गाजे-बाजे के साथ घास भैंरू की सवारी निकाली गई। पुरानी टोंक स्थित काला बाबा नृङ्क्षसह चौक से दोपहर बाद पूजा-अर्चना के बाद ट्रैक्टर से घास भैंरू की सवारी रवाना हुई। सवारी के दौरान श्रद्धालु घास भैंरू के जयकारे लगात हुए चल रहे थे तो महिलाएं भी नाचती गाती चल रह थी। सवारी मालपुरा दरवाजा, सब्जी मण्डी, पुराना बस स्टैण्ड होते हुए घंटाघर पहुंची।

यहां पर लोगों ने घास भैंरू को तेल माला प्रसाद व मदिरा आदि का भोग लगाया। रास्ते में जगह-जगह छोटे बच्चों को घांस भैरू को ढोक लगवाकर उनके निरोगी की कामना की। घंटाघर से रवाना होकर घास भैंरू की सवारी मेंहदवास गेट संघपुरा, बाबरों का चौक, पुरानी टोंक महाराणा प्रताप बाजार होते हुए अपने ससुराल माणक चौक पहुंचा। जहां पर पूजा आदि के बाद सवारी का विसर्जन हुआ।

परम्परा के अनुसार देव उठनी एकादशी पर घांस भैरू की सवारी यहां से रवाना होकर वापस अपने स्थान काला बाबा पहुंची। सवारी के दौरान पुलिस जाप्ता भी तैनात रहा। इस दौरान पार्षद रामदेव गुर्जर, मोहन गुर्जर, लादूराम सैनी, पंकज सैनी, लाल चन्द सैनी, कैलाश सैनी, एडवोकेट केदार मल गुर्जर, राजेश, छोटू लाल, संजय शर्मा, मुकेश, पानमल, जन्नू, कैलाश, बजरंग लाल, गोपाल सैनी, नवल, तारा चन्द , राधेश्याम, गुड्डा सहित मौजूद थे।

शहर के समीप घास गांव में सवारी निकाली गई। इस दौरान मेले का भी आयोजन हुआ। इसमें जिला प्रमुख सरोज बंसल ने शिरकत की। ग्रामीणों ने जिला प्रमुख का माला पहनाकर व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। जिला प्रमुख ने घास भैरू के ढोक लगाकर आशीर्वाद लिया और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर भाजपा जयपुर शहर सह प्रभारी नरेश बंसल, सरपंच मुकेश गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य सोनू परिडवाल, बद्री गुर्जर, राम अवतार, रमेश पांचाल, पंकज गुप्ता, राधा किशन, देवलाल आदि मौजूद थे।

नगर परिक्रमा कराई
टोडारायङ्क्षसह. आतिशबाजी के बीच कस्बे में घास भैंरू की सवारी निकाली गई। पुराना बस स्टैण्ड स्थित भूडा पोळ से घास भैरू की शहरवासियों ने पूजा अर्चना की तथा जमकर शराब पिलाने के बाद आतिशबाजी के बीच सवारी को रवाना किया। इसमें कई मण वजनी पत्थर शिला (घास भैरू) को 100 फीट रस्से से खींचते हुए नगर परिक्रमा कराई गई।

सवारी के दौरान आमजन ही नहीं पुलिस वालों को भी आतिशबाजी का सामना करना पड़ा। सवारी भूडा पोल से रवाना होकर मूर्ति मोहल्ला, तेलियों का मंदिर, कटला प्रांगण स्थित गणेश जी व चौथमाता मंदिर मेंदर्शन किए। यहां से घूम कर सवारी माणक चौक स्थित गोपीनाथ मंदिर, चारभूजा मंदिर व लक्ष्मीनारायण मंदिर से ब्रह्मअखाडा से चतरी पोल हनुमान मंदिर पहुंची। इस दौरान सवारी का बीच-बीच में मचलना तथा उसे मनाने के लिए शराब पिलाना आकर्षण का केन्द्र रहा। इस दौरान लोगों में खींचतान का माहौल रहा।

जगह-जगह लगाया भोग

पचेवर. कस्बे में दीपावली के दूसरे दिन निकलने वाली घास भैंरु की सवारी में लोगों की भीड़ उमड़ गई। युवाओं ने आतिशबाजी की। लोगों ने घास भैरु की पूजा-अर्चना करके रोगों से मुक्ति की कामना की। राम सैनी ने बताया कि कस्बे के मुख्य बाजार से घास भंैरु की सवारी शुरू हुई, जो गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गंतव्य पहुंचकर सम्पन्न हुई। लोग भैंरू को बीच-बीच में मदीरा का भोग लगाते चल रहे थे।