
एक जनवरी 2018 से ब्लड-बैंक से मिलने वाला रक्त प्रति यूनिट दो सौ रुपए की वृद्धि होना है।
टोंक. रक्त पर भी जीएसटी की मार जिले के मरीजों पर भारी साबित होने वाली है। इसका कारण एक जनवरी 2018 से ब्लड-बैंक से मिलने वाला रक्त प्रति यूनिट दो सौ रुपए की वृद्धि होना है। जबकि दूसरी ओर जिले में आए दिन लोग सर्दी, खांसी, जुकाम साथ डेंगू व स्वाइनफ्लू जैसे जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहे है।
इससे बचाव के लिए मरीजों को पहली प्राथमिकता से रक्त चढ़ाना जरूरी होता है। इसके बावजूद अब तक कर से मुक्त रहा रक्त भी सरकार ने 12 प्रतिशत जीएसटी की जद में ला दिया है। नतीजन जिला अस्पताल से निजी अस्पतालों के लिए मिलने वाला रक्त प्रति यूनिट सप्ताहभर बाद 1050 से बढकऱ 1250 रुपए कर दिया जाएगा।
इसके आदेश ब्लड-बैंक में आ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि सआदत अस्पताल में संचालित ब्लड-बैंक की ओर से भर्ती मरीजों को तो रक्त के बदले चाहा गया रक्त देने का प्रावधान है,
जबकि निजी अस्पतालों व अन्य स्थानों पर ले जाने के लिए खरीदे गए रक्त के बदले रक्त व 1050 रुपए जमा कराए जाने का प्रावधान है।गत दिनों राजस्थान स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की ओर से एक जनवरी से बढ़ी हुई दरें वसूलने के आदेश जारी किए है।
सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए रक्त के बदले रक्त नि:शुल्क दिया जा रहा है। रक्त खरीदने वालों को फिलहाल 1050 में प्रति यूनिट रक्त दिया जाता है। सरकार ने व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। समय के साथ ऐसे बदलाव किए जाते रहे हैं।
डॉ. नवीन्द्र पाठक, ब्लड-बैंक प्रभारी टोंक।
सरकार का फैसला गलत है। इस पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। रक्त ही ऐसी चीज है, तो मानव जीवन बचाने में महत्वपूर्ण है। ऐसे में रक्त की कीमत बढ़ाने के स्थान पर दर में कमी लानी जानी चाहिए।
शम्भूदयाल शर्मा, निजी चिकित्सक।
जिले की निर्धन जनता के लिए सरकार का निर्णय उचित नहीं कहा जा सकता। रक्त व जीवन बचाने में काम आने जैसी आवश्यक सुविधाओं पर तो कम से कम कीमत बढ़ाने के स्थान पर न्यूनतम शुल्क ही वसूला जाना चाहिए।
सीताराम साहू, दुकानदार टोंक
एक ओर युवा आए दिन जागरूकता उत्पन्न कर रक्तदान के लिए आगे आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से रक्त परभी जीएसटी लगाने का असर सीधे-सीधे निर्धन मरीजों पर पड़ेगा। इस पर पुनर्विचार की जरूरत है।
पुष्पेन्द्र सोनी, टोंक
रोगियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। हालात यह है कि प्रतिदिन जिला अस्पताल में डेढ़ हजार से अधिक का आउटडोर रहने लगा है। डेंगू रोगियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। ऐसे में रक्त की कीमतों में बढ़ोतरी अनावश्यक है।
नवल साहू, सदस्य रेड डोनर क्लब।
Published on:
24 Nov 2017, 7:34 AM IST
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