
निवाई देवधाम जोधपुरिया में आयोजित लक्खी मेले की तैयारियों को लेकर सजाया गया देवजी का मन्दिर।
निवाई. गुुर्जर समाज के आराध्य भगवान देवनारायण के तीन दिवसीय लक्खी मेले का आगाज मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं विधायक राजेन्द्र गुर्जर, ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं भोपा, समाज द्वारा गुरुवार को ध्वजारोहण कर करेंगे। मन्दिर ट्रस्ट के महामंत्री सुरेश बताया कि लक्खी मेले का मुख्य समारोह शुक्रवार को आयोजित होगा।
इसमें मुख्य आकर्षण कांसी की थाली पर कमल के फूल के रूप में देव दर्शन, भामाशाह सम्मान समारोह, प्रतिभा सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। सवाईभोज, साडू माता, बाला देवली, भूंणा जी, दीपकंवर बाई की झाांकी मेले के आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहेगी।
उन्होंने बताया कि लक्खी मेले में गुर्जर प्रतिभा विकास समिति राजस्थान एवं श्री देवनारायण मन्दिर ट्रस्ट की ओर से लक्खी मेले में गुर्जर समाज की 500 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
समारोह में भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी सुनीता बैंसला, आयकर विभाग नई दिल्ली में संयुक्त आयुक्त अरूण गुर्जर, राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्य राजकुमारी गुर्जर, भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी पूजा अवाना, सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा के भैरूसिंह गुर्जर, सांसद सुखबीरसिंह जौनापुरिया, विधायक राजेन्द्र गुर्जर एवं प्रधान चन्द्रकला गुर्जर द्वारा प्रतिभाओं को सम्माानित किया जाएगा।
समिति के प्रवक्ता कजोड़मल पोसवाल बताया कि गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान श्रीदेवनारायण जोधपुरिया देवधाम देशभर में विख्यात है। जहां वर्ष भर में दो लक्खी मेलों का आयोजन होता
है।
मिहिर भोज की जयंती मनाई
टोंक. राजस्थान गुर्जर महासभा की ओर से बुधवार को मिहिर भोज की जयंती मना सआदत अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किए गए। कार्यक्रम में महासभा के जिलाध्यक्ष रामलाल, देवलाल गुर्जर, साण्ड बाबा समिति अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर, महामंत्री धर्मराज, हितेश, गोपाल, राजेश आदि मौजूद थे।
राणोली-कठमाणा. वीर गुर्जर छात्रावास में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ने राजा मिहिर भोज की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में को मनाई। इस दौरान राजाराम भालोट, हरिराम बेगमपुरा ने भी उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
शोभायात्रा निकालेंगे
टोंक. श्रीश्याम मित्र मण्डल परिवार की ओर से शोभयायात्रा शुक्रवार सुबह 8 बजे श्याम मंदिर से निकाली जाएगी। शोभायात्रा शाही लवाजमे के साथ रवाना होगी। इसमें ऊंट, घोड़ा, नगाड़ा, शहनाई, ढोल आदि शामिल होंगे। साथ ही ध्वज लिए पदयात्री साथ चलेंगे। इसके बाद पदयात्रा निवाई, चाकसू, जयपुर, हरमाड़ा, गोविन्दगढ़, रींगस होते हुए 19 सितम्बर को खाटू धाम पहुंचेगी। जहां जूुलूस के रूप में बाबा श्याम को ध्वज अर्पण किया जाएगा।
Published on:
13 Sept 2018 01:36 pm
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