
कभी समझी जाती थी बेकार, अब किसानों के लिए सरसों की तूड़ी बनी आजीविका
निवाई. कभी बेकार समझी जाने वाली सरसों की तूड़ी अब आजीविका बढ़ाने के काम आ रही है। अनुपयोगी एवं परेशानी का सबब बनी तूडी में ग्रामीणों ने अपनी आजीविका का जरिया ढूंढ लिया है। 15 वर्ष पूर्व सरसों की तूड़ी के निस्तारण की समस्या किसानों एवं ग्रामीणों के लिए गंभीर बनी हुई थी, लेकिन वर्तमान में ईंटों को पकाने के लिए भी तूड़ी का भरपूर उपयोग किया जाने के साथ-साथ लोगों ने तूड़ी से कोयला बनाकर इसे उपयोगी बना दिया है, जिससे किसानों के सामने तूडी निस्तारण की समस्या समाप्त हो गई है और किसानों को अच्छे दाम भी मिल रहे है।
पहली पसन्द है बायो कोयला: सरसों की तूड़ी से बनने वाले सफेद कोयला बायो कोयले के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है। तूड़ी से कोयला बनाने वाली फैक्ट्री मालिक सुरेश छाबड़ा एवं रवि जैन ने बताया कि बाजार में तूड़ी से बनने वाले कोयले की मांग अन्य कोयले की अपेक्षा ज्यादा है क्योंकि इससे बनने वाले कोयले से अधिक ऊर्जा तो मिलती ही है साथ ही यह कोयला पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता है। सरसों की तूड़ी से बनाया गया कोयला जिस भी फैक्ट्री में कोयला अथवा लकड़ी प्रयोग होता है उसके विकल्प के रूप में काम में लिया जाता है। अभी यह कोयला हिन्दुस्तान की जानी-मानी फैक्ट्रियां आदि में काम लिया जाता है।
पवन को मिला सर्वश्रेष्ठ सचिव का अवार्ड
मालपुरा. रोटरी क्लब मालपुरा के ग्रीन के अध्यक्ष रहे एवं शहर के युवा पवन जैन संगम को रोटरी अन्तर्राष्ट्रीय जिला 3054 के प्रान्तपाल अशोक मंगल ने राजस्थान प्रांत के सर्वश्रेष्ठ रोटरी जिला सचिव का अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया है। पवन जैन संगम को इस सम्मान से मिलने पर रोटरी क्लब मालपुरा ग्रीन के राकेश नेवटा, अमित विजय, अवधेश शर्मा, भागचन्द जैन , मधुसूदन पारीक, महेश गुप्ता, सीताराम स्वामी, विजेन्द्र शर्मा सहित क्लब सदस्यों ने सार्वजनिक अभिनन्दन कर स्वागत सम्मान किया।
Published on:
23 Jun 2022 06:28 pm
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
