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नानी बाई रो मायरो कथा के समापन में उमड़े श्रद्धालु, हुए भाव विभोर

गुरु महाराज जिन्द बाबा धाम लावा रोड़ पर चल रहे नानी बाई रो मायरो कथा के समापन पर कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।  

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नानी बाई रो मायरो कथा के समापन में उमड़े श्रद्धालु, हुए भाव विभोर

नानी बाई रो मायरो कथा के समापन में उमड़े श्रद्धालु, हुए भाव विभोर

उपखंड क्षेत्र के चौगाई के गुरु महाराज जिन्द बाबा धाम लावा रोड़ पर चल रहे नानी बाई रो मायरो कथा के समापन पर कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथावाचक साध्वी सुभद्रा कुमारी वृन्दावन ने कहा कि यह कथा सेवा, सहयोग और समर्पण की सीख देती है। कथा में सहयोग की भावना होनी चाहिए, क्योंकि सनातन धर्म को जीवित रखना है तो हमें एकजुटता मिलाकर ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों करना जरूरी है।

नरसी मेहता में भगवान के प्रति सहयोग व समर्पण की भावना थी। जिस दिन हमारे बीच में सहयोग की भावना आ जाएगी। उन्होंने नरसी मेहता व श्रीकृष्ण के बीच हुए रोचक संवाद को प्रस्तुत किया। कथा में कथा वाचक ने कहा कि घर में कितनी भी बहुएं हों, कोई अपने पीहर से कितना भी लाए, मगर ससुराल के लोगों को कभी भी धन के लिए किसी को प्रताडि़त नहीं करना चाहिए। क्योकि हर किसी की आर्थिक स्थिति एक सी नहीं होती है।

जीवन के अंत समय को इंसान को हमेशा याद रखना चाहिए। क्योंकि लकड़ी के लिए नया पेड़ लगाना पड़ेगा। सब कुछ पहले से ही तय होता है। कथा के अंतिम दिन विशेष भाग मायरे का सजीव मंचन हुआ। इसमें श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त नरसी मेहता की पुत्री नानी बाई के लालची ससुराल में आयोजित कार्यक्रम में मायरा भरने स्वयं श्रीहरि द्वारा उपस्थित होकर अपने भक्त की लाज रखने और करोड़ों रुपए का मायरा भरने की कथा का संगीतमय वर्णन किया गया।

देवली. शहर के कुंचलवाडा रोड़ पर चल रही संगीतमय भागवत में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस दौरान कथावाचक पं महेन्द्र कुमार कौशिक ने कहा सच्चे मन से ईश्वर को याद करते तो भगवान भक्तों की पुकार सुन दौड़े चले आते हैं। उन्होंने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाई। जिसमें नरङ्क्षसह अवतार में भगवान ने हिरण्यकश्यप का वध किया और भक्त प्रह्लाद को राजतिलक देकर यह प्रमाणित किया कि जीत हमेशा धर्म की होती है।


इस अवसर पर समुद्र मंथन की कथा,वराह अवतार लेकर पृथ्वी की रक्षा करने और पृथ्वी को रसातल से वापस लाने की कथा भी सुनाई। इसी दौरान महिलाओं ने भावुक होकर नृत्य किया। कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार की कथा मे वामन अवतार, रामावतार की कथा सुनाई जाएगी।