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video: दूनी के टोकरावास में प्राकृतिक आपदा का कहर, वृद्ध मां, नेत्रहीन पत्नी एवं परिवार का छीना सहारा

टोकरावास गांव के खेत पर बने मकान के गिरने से मलबे में दब किसान की मौत हो गई वही दूसरी और आवां स्थित खेत पर बने कमरे में गिरी आकाशिय बिजली किसान की मौत हो गई। आवां निवासी मृतक मुश्ताक वृद्ध बीमार मां भूरी बानो, नैत्रहीन पत्नी रमजी बानो एवं परिवार का सहारा था।  

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दूनी. टोकरावास गांव के खेत पर बने मकान के गिरने से मलबे में दब किसान की मौत हो गई वही दूसरी और आवां स्थित खेत पर बने कमरे में गिरी आकाशिय बिजली किसान की मौत हो गई। सूचना पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया।

दूनी थानाप्रभारी विजयसिंह मीणा ने बताया कि मृतक टोकरावास निवासी लटूर (65) पुत्र हरलाल मीणा व आवां निवासी मुस्ताक (55) पुत्र गफूर खान है। उन्होंने बताया कि टोकरावास निवासी लटूर देर शाम घर से खाना खाकर खेत की रखवाली करने गया और वहां बने टीनशेड कमरे में चारपाई जाकर सो गया। देर रात को तेज हवा के साथ आई आंधी में कमरे के टीनशेड उड़ गए और दीवारों का भारी मलबा उसके ऊपर आ गिरा।

वही आवां निवासी मुश्ताक घरेलू कार्य से निवृत होकर देर शाम सीतापुरा मार्ग स्थित खेत पर रखवाली करने गया। जहां खेत पर बने पक्के कमरे में बिछी चारपाई पर सो गया। इसी दौरान देर रात तेज हवा के साथ चली आंधी के बीच खुली खिडक़ी से होकर कमरे में आकाशीय बिजली गिरने से गंभीर झुलस गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्राकृतिक आपदा ने छीना नैत्रहीन का सहारा

टोकरावास निवासी मृतक लटूर के एक पुत्र व चार पौत्र-पौत्रियां है। पुत्र प्रभुलाल मीणा पिता के निर्देशन में कृषि कार्य कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। मगर पिता की मौत से उसका सहारा छीन गया। वही आवां निवासी मृतक मुश्ताक वृद्ध बीमार मां भूरी बानो, नैत्रहीन पत्नी रमजी बानो एवं परिवार का सहारा था। समाज के सद्दीक खान ने बताया कि मुश्ताक के दो पुत्र व तीन पुत्रियां है। इसमें भी पुत्र-पुत्रियों का विवाह हो चुका मगर सबसे छोटे पुत्र मोहिन के विवाह की चर्चा परिवार में चल रही थी। मगर मुश्ताक के धुमधाम से पुत्र के विवाह करने का सपना प्राकृतिक आपदा ने चकनाचूर कर दिया। उन्होंने बताया कि पत्नी रमजी बानो की आंखे करीब बीस साल पूर्व अचानक चली गई और उसको दिखाई देना बंद हो गया। कई जगह उपचार के बाद भी राहत नहीं मिली। वही पांच साल पूर्व पिता गफूर खान की मौत के बाद मां भूरी देवी की जिम्मेदारी भी मुस्ताक निभा रहा था।

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दूनी के टोकरावास स्थित खेत पर आंधी से गिरा मकान व दबी हुई चारपाई को देखते ग्रामीण।

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दूनी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मृतकों के पोस्टमार्टम से पूर्व तहसीलदार एवं जनप्रतिनिधियों से घटना की जानकारी लेते देवली एसडीओ दुर्गाप्रसाद मीणा।

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दूनी के टोकरावास निवासी मृतक लटूर मीणा।

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दूनी के आवां निवासी मुस्ताक खान।