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गाइड लाइन में उलझी समर्थन मुल्य पर खरीद, पर्यवेक्षक के नहीं होने से गुणवत्ता की नही हो रही जांच

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कृषि उपज मण्डी में समर्थन मूल्य पर पर्यवेक्षक के नहीं होने के कारण गुरुवार को भी कृषि जिन्सों (उड़द) की खरीद नहीं हो सकी।

टोंक. कृषि उपज मण्डी में समर्थन मूल्य पर पर्यवेक्षक के नहीं होने के कारण गुरुवार को भी कृषि जिन्सों (उड़द) की खरीद नहीं हो सकी। पर्यवेक्षक के अभाव में क्रय विक्रय के कार्मिक फसल गुणवत्ता विहिन बता कर किसानों को लौटा रहे है। इसी प्रकार बारदाना नहीं आने के कारण मंूगफली की खरीद भी शुरू नहीं हो सकी है।

विभिन्न गांवों से जिंस लेकर आए किसानों की पीड़ा यह है कि वह अपने जिंसों को छोडकऱ वापस गांव नहीं जा सकते, क्योंकि उनको लाने में डीजल खर्चा हो चुका है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है।

बिचपुड़ा, बमोर, सोनवा, नयागांव आदि से आए किसानों ने बताया कि जिंस तो मण्डी में ले आए हैं, लेकिन नेफैड गुणवत्ता का बहाना बनाकर खरीद नहीं कर रहा है, इससे उन्हें वापस आड़तियों की शरण लेनी पड़ रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी हो रही है।

पांच दिन में ऑनलाइन खरीदारी खत्म
इसमें विडम्बना यह है कि अगर जिस किसान का ऑनलाइन नम्बर आने पर वह पांच दिन जिंस नहीं ला पाता है तो उनकी खरीद निरस्त मानी जाती है। इससे सरसों की बुवाई, पिलाई में लगे होने के कारण असमंजस की स्थिति में है।

पर्यवेक्षक नहीं है तो किसान क्यों भुगते
कृषि उपज मण्डी में समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए गुणवत्ता जांचने के लिए पर्यवेक्षक की आवश्यकता होती है। पर्यवेक्षक तय करता है कि उक्त फसल की गुणवत्ता कितनी है।

चूंकि इस समय पर्यवेक्षक नहीं होने से सभी किसान परेशान है। अधिकारियों से पूछे जाने पर उन्होंने गुणवत्ता के मामले में बताया कि आचार संहिता होने के कारण हमें गुणवत्ता के मामले में असमर्थता जताई।

किसानों ने बताया कि सितम्बर माह में हुई बारिश के कारण मूूंग, उड़द आदि की फसल अकुंरित होने के कारण जिन्सों की गुणवत्ता में गिरावट आई है। इससे समर्थन मूल्य पर खरीद करने नेफेड खरीद करने से पीछे हट रही है।

किसान रामलाल, गणेश, कैलाशचंद, बद्रीलाल, बंशी, राजवीर आदि ने बताया कि जल्द ही उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह शुक्रवार को जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देकर जल्द खरीद की जांच करेंगे।

गाइड लाइन के अनुसार ही खरीद की जा रही है। उड़द का पर्यवेक्षक नहीं आया है। जिंस गुणवत्तापूर्ण होने पर खरीद की जा रही है। मूंगफली का अभी बारदाना नहीं आया है। 11 अक्टूबर से शुरू हुई खरीद में अब तक 247 कट्टे उड़द व 18 मंूंग के कट्टे खरीदे गए है।
शीतल तर्क, मैनेजर क्रय विक्रय सहकारी समिति, टोंक