
अक्षय तृतीया पर भगवान को लगाया चने की दाल-ककड़ी का भोग, आरती के बाद प्रसादी का किया वितरण
राणोली कठमाणा.क्षेत्र में अक्षय तृतीया महोत्सव मनाया गया। इस दिन किया गया दान—पुण्य अक्षय होने से लोगों ने खूब दान—पूण्य किया।
अक्षय तृतीया के पर्व पर मंदिरों में ठाकुरजी का अभिषेक हुआ और फूल बंगला झांकियां सजाई। ठाकुरजी को शीतल व्यंजनों के साथ ही चने की दाल, कमल ककड़ी और मिश्री का भोग लगाया गया।
क्षेत्र के श्रीसीताराम महाराज, आराध्य देव श्रीचारभुजानाथ में दोपहर 12 बजे महाआरती हुई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दाल, ककड़ी, खरबूजा, आम, पंखी, जल के भरे घड़े, मटकी चढ़ाए।
वही घरों में भी दाल-चावल बनाकर भगवान को भोग लगाया। पुजारी कौमुदी प्रसाद पारीक, आशुतोष पारीक, गोविंदनारायण पाराशर ने बताया कि अक्षय तृतीया पर भगवान के दाल ककड़ी का भोग लगाया।
महा आरती में काफी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेने पहुंचे। आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को दाल ककड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। अक्षय तृतीय पर क्षेत्र में विवाह समारोहों की भी धूम रही।
अबूझ मुहूर्त के चलते गृह प्रवेश, व्यापार प्रारंभ, हवन-पूजन-दान, भवन, वाहन, आभूषण और वस्त्रों की भी खूब खरीददारी हुई।
कृषि उपकरणों की पूजा अर्चना
अक्षय तृतीया के अवसर पर किसानों ने सुबह सूरज निकलने से पहले ही खेतों पर पहुंचकर शुभ मुहुर्त में कृषि उपकरणों की पूजा अर्चना की।
इस दौरान किसान अपने साथ सात अनाज व खेजड़ी का डंठल लेकर गए ओर उसको अपने खेतों के बीच में रखकर अपने खेत व कृषि कार्यों का पूजन कर आगामी वर्ष में अच्छी फसल के पैदावार की कामना की।
अक्षय तृतीया के अवसर पर किसानों ने मकानों के बाहर कृषि कार्य से जुड़े हल, कुली व फसलो मे ज्वार बाजरा के चित्र उकेरे।
अक्षय तृतीया पर किसानों के घर पर लापसी व मुंग की दाल ओर पराठे का भोजन बनाकर आराध्य देवो के भोग लगाकर अपने कृषि कार्यों में वर्षभर काम करने वाले मजदूरों को भोजन करवाया गया।
लेन-देन के लिए भी रहा विशेष दिन
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लेन देन के कार्य के लिए अक्षय तृतीया का दिन महत्वपूर्ण है। किसान अपनी आवश्यकता के लिए किसी से कर्ज लेता है। उसकी भी अक्षय तृतीया के दिन की ही कोल रहती है। वर्ष भर काम करने वाले मजदूरों को भी लेन देन किया जाता है।
Published on:
08 May 2019 07:44 pm

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