राजमहल. पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना व राज्य योजना के अभियंता बीसलपुर बांध में बांध बनने के बाद से अब तक जलभराव में जमा मिट्टी निकालने की तैयारी में है। राज्य योजना ( स्टेट प्लाङ्क्षनग) के अभियंताओं के अनुसार बीसलपुर बांध के जलभराव में केन्द्रीय जल आयोग की ओर से पूर्व में किए गए सर्वे के तहत कुल जलभराव की करीब 10 प्रतिशत तक मिट्टी व मलबा एकत्र होना माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीसलपुर बांध का कुल जलभराव 315.50 आर एल मीटर है। जिसमें 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है। जो पानी लगभग 25 किमी क्षेत्र में भरता है। बांध में भरे पानी की गहराई करीब 60 फिट तक मानी गई है। बांध की कुल लम्बाई 574 मीटर (1883) फिट है। बांध की कुल ऊंचाई नदी तल स्तर से 27.5 मीटर (90) फिट है। वही नींव स्तर से 39.5 मीटर (130) फिट के करीब है।
बांध की बढेगी जलभराव क्षमता: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना व राज्य योजना की ओर से बांध से मिट्टी पत्थर व बजरी निकालने के बाद बांध की जल भराव क्षमता में बढ़ोतरी होगी। सर्वे के अनुसार बांध के जलभराव में एकत्र मिट्टी, पत्थर व बजरी निकालने के बाद बीसलपुर बांध का जलभराव ईसरदा बांध की कुल जल भराव क्षमता के बराबर बढ जाएगा।
जहाज रूपी कंप्यूटराइज वाहन का होगा इस्तेमाल
बीसलपुर बांध के जलभराव के बीच पानी की सतह पर एकत्र मिट्टी,बजरी, पत्थर आदि को पानी से बाहर निकालने के लिए जहाज रूपी कंप्यूटराइज युक्त वाहन का इस्तेमाल होगा। जो पानी को वापिस छोडकऱ बजरी पत्थर मिट्टी को एकत्रित कर बाहर निकालेगा। पानी से मिट्टी व पत्थर के साथ बजरी निकालने की निविदा प्रक्रियाधीन है। विभाग बांध से निकलने वाली बजरी पत्थर व खाद रूपी मिट्टी के बदले सरकार को राजस्व दिलाने वाली कम्पनी की तलाश में हैं। जिससे बांध के जलभराव से मिट्टी भी निकाली जा सके व सरकार को राजस्व भी मिल सके।
बीसलपुर बांध के जलभराव में एकत्र मिट्टी, मलबा, पत्थर,बजरी आदि निकालने की प्रक्रिया चालू है। निविदा की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए राजस्व प्राप्त होने वाली कम्पनी का इंतजार है। बांध में करीब जलभराव की 10 प्रतिशत तक मिट्टी एकत्र होने का अनुमान है।
रवि सोलंकी, मुख्य अभियंता, राज्य योजना (स्टेट प्लाङ्क्षनग) जयपुर।