
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार। फोटो- पत्रिका
उनियारा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गाड़ी का एयरबैग खुलने से चालक की जान बच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार पचाला निवासी धारा सिंह मीणा अपने परिवार के साथ लाखेरी के पास उडावड़ा गांव में आयोजित एक विवाह समारोह से लौट रहे थे।
इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर रास्ता बंद करने के लिए लगाए गए मिट्टी के ढेर और बैरिकेडिंग का समय पर आभास नहीं हो सका। इससे वाहन अनियंत्रित होकर मिट्टी के ढेर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में रामफूल मीणा (60) और उनके पोते आकाश (16) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कमलेश देवी और बुजुर्ग परिजन रामफूल (70) सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सुचारु किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य के चलते लगाए गए अस्थायी अवरोधों की उचित संकेत व्यवस्था नहीं थी, जिससे वाहन चालक को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। इस कारण हादसा हुआ। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है।
यह वीडियो भी देखें
दादा और पोते की एक साथ मौत की खबर जैसे ही पचाला गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विवाह समारोह की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं। ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधूरे निर्माण कार्यों और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर नाराजगी जताई। लोगों ने प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की अपील की।
Updated on:
23 Mar 2026 04:40 pm
Published on:
23 Mar 2026 04:40 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
