टोंक. राईट टू हैल्थ बिल के विरोध में प्राईवेट अस्पताल सोमवार को 10 वें दिन भी बंद रहे। बिल के विरोध में प्राईवेट अस्पताल वालों की और से आयोजित प्रदेश स्तरीय रैली में टोंक जिले से भी करीब 250 चिकित्सक सहित स्टॉफकर्मियों ने भाग लिया। इधर सआदत अस्पताल सहित जिले के सभी राजकीय चिकित्सा केन्द्रों पर सोमवार को भी निजी अस्पताल की हड़ताल के समर्थन में चिकित्सक दो घंटे पेनडाउन हड़ताल पर रहे।
पेनडाउन हड़ताल के कारण मरीजों को दो घंटे तक इलाज के लिए ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर व अन्य स्थानों पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। हालंकि इस दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रही। सुबह 9 से 11 बजे तक कार्य बहिष्कार के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी व आईपीडी में मरीजों को परामर्श व उपचार शुरू किया।
चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार के कारण कई मरीज बिना इलाज के वापस लौट गए। चिकित्सकों की और से घर पर भी मरीजों को परामर्श नही मिलने पर मरीजों को इलाज के लिए नीम हकीमों और प्राईवेट जांच लेबोरेट्रियों पर परामर्श ले रहे है।
सआदत अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ बीएल मीणा ने बताया कि हड़ताल के कारण आपातकालीन सेवाएं चालू रही। उन्होने बताया कि 29 मार्च को सआदत अस्पताल के अधीन कार्यरत सभी चिकित्सक सामूहिक अवकाश(सीएल) पर रहेंगे जिसकी सूचना लिखित में उच्चाधिकारियों सहित जिला कलक्टर को दी है।
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र खिंची ने बताया कि सरकारी चिकित्सकों का दो घंटे का पेनडाउन हड़ताल जारी रहेगी। उन्होने बताया कि 29 मार्च को सभी राजकीय चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
इधर प्राइवेट अस्पताल एसोसिशन संघ (उपचार) के जिलाध्यक्ष डॉ राजीव बंसल ने बताया कि सोमवार को जयपुर में रैली निकालकर बिल का विरोध किया गया। रैली में जिलेभर से करीब 250 चिकित्सक सहित स्टॉफकर्मियों ने भाग लिया। उन्होने बताया कि 29 मार्च को आलइण्डिया स्तर पर निजी व सरकारी अस्पतालों में हड़ताल रहेगी।