इस्माईलपुरा के ग्रामीणों ने पटवारी की गलती से नष्ट हो रहे सार्वजनिक तालाब को बचाने के लिए उपखंड अधिकारी, तहसीलदार से ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई है।
इस्माईलपुरा के ग्रामीणों ने पटवारी की गलती से नष्ट हो रहे सार्वजनिक तालाब को बचाने के लिए उपखंड अधिकारी, तहसीलदार से ज्ञापन सौंपकर गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्रामीणों की खातेदारी भूमि खसरा नं. 363, 364/2, 379, 380, 382/2 स्थित है। जहां गांव बसा तब से ग्रामीणों काश्त करते आ रहे है। इस भूमि के पास ही सार्वजनिक तालाब है जो खसरा नंबर 297/2, 385/1 में स्थित है।
कर दी सरसों की फसल की बुवाई
इस तालाब की भूमि को अनवरपुराखेड़ा पटवार हल्का के पटवारी ने गलत रूप से लोकेश कुमार रैगर निवासी बूंदी को आवंटन कर दी। जिस संबंध में ग्रामीणों को कोई जानकारी भी नहीं थी। वर्तमान में ग्रामीणों द्वारा सरसों की फसल बुवाई की हुई है जो बड़ी भी हो चुकी है लेकिन 8 नवंबर 2023 को हल्का पटवारी तालाब की आवंटित भूमि को आनन-फानन में नापने पहुंच गया तथा ग्रामीणों की खातेदारी भूमि में भी आवंटी की जमीन निकाल दी। जिससे मौके पर तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई थी।
आवंटन को निरस्त किए जाने की मांग
खातेदारी भूमि के नीचे हमेशा से तालाब था जहां मनरेगा योजना काफी काम हुआ है। मवेशियों को ग्रामीण इसी तालाब में पानी पिलाते है जो हल्का पटवारी की गलती से नष्ट होने के कगार पर है। ग्रामीणों ने तालाब को बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है तथा गलत आवंटन को निरस्त किए जाने की मांग की हैं। इस दौरान भंवरलाल, मोहन बैरवा, जगदीश, भंवरलाल, ऊंकार, प्रहलाद, रमेश, रणजीत, योगेश, बजरंग, छीतरलाल हनुमान आदि मौजूद रहे।